योग अभी हमरे रोजाना जिंदगी क अभिन्न अंग होगया है । बहुत ज्यादा लोग अब बिना योग किये अन्न ग्रहण नहीं करते हैं । और जरूरी भी है । जैसा अभी वायु प्रदूषित हुआ है , जैसा हम खाना कहते हैं जिसमे रासानिक खाद और जहरीला कीटनाशक बहुतयात मात्रा में होता है जिससे हमे सबसे ज्यादा नुक्सान पहुंचता है हमारे शरीर को । पर्यावरण , खाना और पानी सभी बहुत दूषित हो चूका है । इसका अत्यंत नुकसान हमारे शरीर पर हो रहा है । इसी कारण लोगों को योग के शरण में जाना पड़ रहा है । और इन सब के बाद आज के जीवन शैली में बहुत ज्यादा टेंशन भी अपना दुष्प्रभाव दिखा रहा है ।
अब सवाल उठता है की क्या किया जाए। दवा इत्यादि से लोग थकने लगे हैं। इसका दुष्प्रभाव अलगसे । इतना ही नहीं दवा भी अब फेल कर रहा है और खर्च तो पूछिए मत, छोटा से छोटा डॉक्टर विजिट पर भी अनेकह टेस्टों पर बहुत खर्च करवा दिया जाता है और अगर अस्पताल में भर्ती हुए तो कितना खर्च होगा इसका कोई सीमा नहीं अक्सर तो लोग जवाब देदेते हैं अगर आप अपना हाथ नहीं उठाते हैं तो ये अस्पताल आपका जिंदगी तबाह कर देगा आपको सड़क पर ला कर ।
इन सब ऊपर वाले परेशानियों से ही लोग अब योग के शरण में जा रहे हैं ।
अब सवाल उठता है की योग भी बहुत तरह क है । अनेखों योग है । इतने सारे योग के बावजूद सबसे बड़ा दुविधा ये होजाता है की कौनसा योग किया जाय और कौनसा छोड़ दिया जाय । इतना ही नहीं अलग अलग लोगों या योगाचार्यों क अलग अलग विचार होता है की कौन सा योग कौन सा रोग पर कारगर है ।
इसी को लेकर इनसब दुविधाओं क एक इलाज है हम सभी योग को करें । अब सवाल उठता है की इतने सरे योग कैसे किया जय , एक बार में तो संभव ही नहीं है की हम लगातार सब योग करें वो भी एक ही दिन में सभी ।
इसका एक उपाय है की हम सभी योग को विभिन केटेगरी में बाँट दें । और इसका सबसे सरल उपाय है की हम सभी योग को उनके बैठने के मुद्रा के हिसाब से केटेगरी बना दें ।
पहला दिन - पद्मासन मुद्रा में योगायें
हम अपने योगासन सब शुरू करने से पहले ओमकार करें , फिर ध्यान करें , तत्पश्चात प्राणायाम और फिर योगासन शुरू करें ।

No comments:
Post a Comment