Saturday, 9 July 2022

Red Ants Chutney।लाल चींटों का चटनी

लाल छींटे तो प्रायः सभी जगह मिलती हैं पर उसका सेवन मगर सब जगह नहीं होता है। 
हमारे यहाँ भी लाल पेड़ों पर चढ़ने से परेशान कर देती है, पर उसका खाने में इस्तेमल होता है यह तो हमे पता क्या सुना भी नही था। 
ये तो अचानक पिछले ठंडी में मैं झारखंड के चाईबासा, और सटीक बोलें तो नॉमुंडी में मैं गया हुआ था। नॉमुंडी तो एक जंगली इलाका है जहां लोहा के खनिज प्रचुर मात्रा में मिलती है, इतना मिलता है कि टाटा वालों ने यहां भी अपना प्लांट और साथ में विस्तार से एक कॉलोनी बना रखा है जहां पढ़ाई से अस्पताल तक सारी सुविधा यहाँ प्राप्त है। इनके अलावा और भी बहुत लोग, सरकारी  और उनके ठीकेदार सब खनिज और पेड़ काट कर बहुत धनाढ्य हो गए हैं।
तो कहानी यही है कि यहीं पर जंगल में एक स्टील वाले फैक्ट्री के बाहर मैं खड़ा था।कुछ देर बाद उस स्पंज आयरन वाले फैक्ट्री से एक परिचित निकले जिनके साथ  जंगल में गए, अंदर बस्ती में मेला लगा हुआ था जहाँ आग के ऊपर चलने का कार्यक्रम, पेड़ कब तने पर चढ़ना इत्यादि प्रोग्राम चल रहा था। इसी मेला में खाने का सामान, हड़िया, और लाल चींटी का चटनी भी मुझे दिखाया गया।
मुझे बताया गया कि लोग भड़े स्वाद से चटनी को खाते हैं।
अब तो पता चल रहा है कि लाल चींटे की चटनी के बड़े गुण हैं जो बहुत रोगों में काम करता, खासकर स्वांस से सम्बंधित। 
अगर आपको इसकी जरूरत पड़े तो इन जंगलों में जाने की क्या जरूरत, खुद ही अपने पास के पेड़ों से लाल चींटे पकड़ें और अपनी चटनी तैयार कर लें।


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