Tuesday, 18 April 2023

लू का कहर। Heatwave I Heatstroke

            🌞 लू 😧

__गर्मी में लू से बचने के घरेलू उपाय___💯
        
   _   लक्षण _
इसके अन्य लक्षण हो सकते है_लाल ,शुष्क त्वचा, शीरदर्द,चक्कर आना इत्यादि ।

(लू का कहर  से बचाव )

शरीर में पानी का पर्याप्त मात्रा रखे .
थोड़ा _थोड़ा खाना खाते रहे .
लगातार ठंडे_ गरम तापमान के बदलाव से बचे 
हल्के रंग वाले ढीले कपड़े पहने।
बाहर रहने का काम है,तो लगातार ब्रेक लें।
बेल या दुसरे तरह का शरबत ले,बाहर का खाना न खाएं ।
आधा दूध और आधा पानी का लस्सी पी सकते है।
गरमी के मौसम में वैसे तो हर कोई धूप में निकलने से बचता है,परंतु अगर निकलना बहुत जरूरी है तो इसे टाला भी नहीं जा सकता.
अगर कही जाना हो 🏃तो घर से पानी या कोई ठंडा शरबत पी कर जैसे आम पक्का,शिकंजी इत्यादि

__________सावधानियां ________
कुछ सावधानियां बरत कर लू और गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है।



Monday, 20 February 2023

Helpless Mother। असहाय मां





यही वो चबूतरा है जहां मां पाईं गई थी।
हमारी मां जमींदार घर की मगर अपने पिताजी के गुजरने के कारण अपने ननिहाल में पली बढ़ी। मां के ननिहाल में उनके नाना दरोगा थे जो कभी हमारे गांव में पोस्टेड हुए थे जिसके कारण उनका रिश्ता यहीं हुआ था, पर मां अपने अन्य नाना के भाइयों के साथ रहती थीं जो जज थे, इसी तरह एक अन्य भाई कलेक्टर हुआ करते थे, पर इनका रहना सदैव अपने जज नाना के साथ ही हुई, और जहां भी इनका ट्रांसफर हुआ मां वहीं साथ जाति थी।
हमारी नानी अपनी नैहर में ही रहती थी, वो जादतर गांव पर रहती थी और वहां का खेत अनाज का देख रेख में अपना दिन बिताती थीं।
बड़ा सा घर हमारे पिताजी ने रिटायर होने के बाद बनाया था, जिसे उन्होंने मां का ही नाम दिया था,राजकिशोर भवन, इस डर से की कहीं कोई बेटा मां के साथ कोई गलत न करे जैसा अभी जमाने में चल रहा था और है भी।
वैसे पिताजी से ज्यादा तो हम दो भाई ही ज्यादा मानते थे अपने मां को, उसमे भी मेरा मां से लगाव एक बड़ा उदाहरण ही रहा है।
हम चार भाई थे, कुछ दूसरे राज्य में रहते थे और हम दो यहां ही। सबसे छोटा गांव पर मां पिताजी के साथ रहता था और मैं अपने परिवार के साथ राजधानी में अपना बिजनेस चलाता था। थोड़ा तेज़ होने के कारण कोई भी घर का परेशानी जैसे इलाज़ का मुझे ही देखना पड़ता था, कार होने के कारण मां पिताजी को गांव से शहर और फिर इलाज कर वापस करना हमारा ही काम होता था। इस सेवा में हम दोनो अपने अपने फील्ड में एकदम निपुण थे और बड़े शौक से हम उनका आगमन और घर पर रखना एंजॉय करते थे, इसमें मुख्य वजह मां से लगाव होने के कारण उनसे मजाक और पत्नी का शिकायत करना और सुनना होता था।
इसी तरह हमलेगों का जिंदगी बीत रहा था, पैरेंट्स के साथ रहना और उनका अस्पताल में इलाज कराना, क्योंकि हम उन्हे ठीक कर गांव भेजते थे पर घर पर उनका सेवा और खानपान ठीक से नहीं होता था, इसी तरह गांव से अस्पताल ,अस्पताल से गांव और फिर एक बार गांव से अस्पताल होते होते पिताजी का स्तिथि बिगड़ते चले गया और फिर आईसीयू फिर उसके बाद वेंटीलेटर पर जाने के बाद वो दुनिया छोड़ गए। घर पर एक बड़ा वट वृक्ष गिरने से हम सब बहुत दुखी थे और ज्यादा मैं अपने ज्यादा इमोशनल स्वभाव होने के कारण।
अस्पताल फिर गांव पर पिताजी का  काम सब अपने पैसों से कहीं से भी कोई हेल्प नही मिला, घर पर तो हमे यही पता था कि यहां तो को पैसा भी होगा क्योंकि जिस तरह से सब गुम्मी मारे हुए थे उससे कुछ इसी तरह ही हमने समझा। पर घर वालों की बेवकूफी के कारण जो इलाज का पैसा हमे कंपनी से वापस मिलता वो भी सारा डूब गया।
सारा काम क्रिया करने के बाद और घर पर तमाशा होने के बाद हम सब भारी मन से अपने शहर लौट गए।
गांव पर रिश्ता ही ठंडा होगया था जिसके कारण हमलोगो का वहां जाना बंद हो गया था। फिर पता नही किस बात पर हम एक दिन गांव गए। यहां हमने कुछ बैंक के अकाउंट बुक्स देखे जिन्हें ध्यान से देखने पर सारा माजरा समझ में आया। हमने सभी बैंक का काम ठीक कर दिया, बचत खाते के ज्यादा पैसों को फिक्स करा दिया फिर वापस आ गए।
हम ठंडा हो चुके थे और अपने स्वभाव के कारण फिर से घर पर रिश्ता ठीक कर लिया।
अब फिर से एकबार घर आना जाना शुरू हो गया, समय और मौकों पर हम शौक से अपने कार से गांव आ जाते, मां से जो लगाव था, और अब फिर से उनका तबियत खराब होने पर उन्हें शहर लाना होता था। सब कुछ भुला चुके थे और हम फिर से इस संबंध को एंजॉय करने लगे थे।
इसी तरह समय खुशी खुशी गुजरते गया और एक दिन ठंडा के मौसम में सुबह सुबह फोन आया की सबसे बड़ा भाई को स्ट्रोक हो गया है और आईसीयू में भर्ती है, हम सब तुरंत अपने बच्चों और मां को छोड़ ट्रेन पकड़ कानपुर के लिए रवाना हो गए। अब यहां रात दिन अस्पताल में बैठे समय और पैसा गुजर रहा था जब पच्चीस दिन बाद दसों लाख खर्चा कर अस्पताल वालों का जब मन भर गया तब जवाब दे दिया।हम उनका अंतिम वहीं कर अपने घर आगए।
मां पर कुछ विशेष फर्क नहीं पड़ा था, अगर कोई अपना आता था फॉर्मेलिटी में तभी वो रोती थीं।






Tuesday, 14 February 2023

A Suitable Groom। एक आदर्श वर

लड़का स्मार्ट है, अच्छा तरक्की किया है थोड़े से समय में ही। अब बस मेट्रो शहर में ही पोस्टिंग या नौकरी लेता है, और घूमने के लिए स्टार होटल में अपने छोटे परिवार को ले जाता है। अभी तक खुद भी विदेश में यूरोप तक जा चुका है। स्वभाव मे भी बहुत सौम्य है, आज तक गुस्सा करते देखा नही कभी इसे।
इसे नौजवान को तो देख कर लगता है बड़ा ही सुयोग्य वर होता। नौकरी भी फैशन डिज़ाइन का करता है, कोई इंजीनियर डॉक्टर नहीं है न ही कोई सरकारी नौकरी करता है, तब ऐसे स्वभाव और इतना अच्छा कमाई करने वाला लड़का तो किसी पढ़े लिखे मिडिल क्लास वाले के लिए तो सस्ते में अच्छा वाला बात होता।


Monday, 13 February 2023

Harmful Mobile । मोबाइल से नुकसान

भाई अभी अभी ये समाचार सुन कर होश उड़ गए की एक लड़की का अत्यधिक मोबाइल देखने से आंख की रोशनी ही चले गई

Wednesday, 8 February 2023

Today's class l आज का दुनिया

गजब है भाई आज का समय।
मैं जिस दुनिया से आया वहां समाज सिर्फ अपने काम में लगे रहते थे और काम के बाद अपने परिवार के बच्चों के पढ़ाई पर। 
हमारा अपब्रिंगिंग एक बड़े कंपनी के कॉलोनी में हुआ था और उस कॉलोनी में हमारा अलग की जगह होता था जहां सिर्फ ऑफिसर्स के मकान होते थे।

Thursday, 26 January 2023

एक से ज्यादा व्हाट्सएप ग्रुप में वीडियो कैसे शेयर करें। How to share videos in more than one WhatsApp group

पहले व्हाट्सएप पर आप मन भर इमेज और वीडियो शेयर कर सकते थे, पर कुछ कारणों से बाद में यही शेयर सिर्फ पांच लोग या पांच ग्रुप में ही जा सकता था, पर अब तो व्हाट्सएप कंपनी ने तो और भी नियमे बदल दी जिससे आप अब कुछ शेयरिंग पांच तो क्या एक ही ग्रुप में वीडियो भेज पाएंगें। 
मनमानी शेयरिंग तो नही पर हम आपको पांच ग्रुप तक में वीडियो शेयरिंग करने का तरीका बता देते हैं।
सबसे पहले अपने मोबाइल में जा कर Screen Recorder वाला आइकॉन/फोटो पर क्लिक करें, जैसा  नीचे दिख रहा है:
Screen Recorder पर क्लिक करने से एक नया फोटो उभरेगा ,

इस फोटो में आप x के बगल वाले चिन्ह पर अब क्लिक करें

यहां पर आप Sound source पर क्लिक करें,
Sound source पर क्लिक करने से अब नया फोटो विकल्प खुलेगा, यहां पर अगर आपको वीडियो का साउंड चालू रखना है तो आप Mute पर क्लिक करें, और अगर आपको रिकॉर्डिंग में अपना आवाज देते रहना है तो Mic पर क्लिक करें।
अब इसके बगल वाले आइकॉन पर क्लिक करें,
यहां पर क्लिक करने से आप अपने गैलरी में चले जायेंगे, और अपने गैलरी से अपना पसंद का फोटो या वीडियो चुन लें।
यहां से कोई फोटो या वीडियो चुन सकते हैं अपने गैलरी में जाने बाद।
इसके बाद आप बगल वाले लाल गोल आइकॉन पर क्लिक करें।
इस लाल आइकॉन पर क्लिक करने से आपका स्क्रीन पर रिकॉर्डिंग शुरू हो जाएगा और आप जो भी बोलेंगे को रिकॉर्ड होने लगेगा।
अगर आप चाहेंगे तो पहले वाले आइकॉन से अपने गैलरी में जाकर कोई वीडियो चुन लें और फिर उसे लाल आइकॉन/बटन दबाकर शुरू कर दें, 
वीडियो सेलेक्ट करने बाद आप लाल वाला बटन दबाएं और मोबाइल में कुछ बोल सकते हैं,मतलब इस वीडियो के बारे में और फिर वीडियो के प्ले बटन को दबा कर वीडियो चालू कर दें,इससे आपका वीडियो का स्क्रीन रिकॉर्डिंग शुरू हो जाएगा। आप चाहें तो वीडियो रोक या pause फिर अपनी बातें रिकॉर्ड कर सकते हैं। और अंत में रिकॉर्डिंग हो जाने के बाद आप लाल बटन एक बार फिर दबा कर रिकॉर्डिंग बंद कर दें । आपका रिकॉर्डिंग बंद करते ही ये नया स्क्रीन रिकॉर्डिंग आपके गैलरी पर प्रस्तुत होगा।
नया वीडियो गोल चिन्ह में दिखाया गया है।

पढ़ने के लिए धन्यवाद।


https://youtu.be/5LQTCJNysQI




Saturday, 14 January 2023

Dhol,Gavanr,shudra,pasu nari sakal tadn ke adhikari। ढोल, गंवार,शूद्र पसु ,नारी सकल ताड़न के अधिकारी

इसमें कोई गलती नही है,जो काम नहीं करेगा,जो अनुशासन में नही रहेगा और जो नासमझ है उन्हें तो शासन में रखना ही पड़ेगा। क्या कुत्ते ,बंदर या कोई भी जानवर को आप बिना शासन में रखे चैन से रख सकते हैं। तो यही बात है अगर चैन से रहना है तो कमतर जीवों को शासन में रखना होगा। ये सचाई है आपको बुरा लगे या भला।
जानते हैं इस पंक्ति पर बहुत बहस हो रहा है और ज्यादातर लोग अपनी रोटी सेंकने में लगे हैं। इन शब्दों से नाराज लोग या ये कहें अपनी रोटी सेंकने वाले लोग इसका विरोध कर कुछ लोगों को सिर्फ और सिर्फ भड़का रहे हैं। ये इस वर्ग को भड़का रहे हैं ताकि इतनी बड़ी वोट बैंक हमारी बन जाए और हम बड़ा नेता बन जाएं फिर आराम से नेतागिरी करें ,लोग हमारे आगे पीछे हों और हम बस मौज ही मौज करें, इनके अपने स्वार्थ के सिवा और कुछ नही है। ये मंत्री जी जो इसे गलत बता रहे हैं वो तो खुद गलत रास्ते पर रहे हैं। उन्हों ने अपना नाम में ही घपला किए हुए हैं, ये कभी क्रिमिनलों का सहारा लेकर नेतागिरी करते थे, और पता नही की ये प्रोफेसर सही में हैं की नही भी।
इस दोहा में जो भी सच्चाई हो तुलसीदास जी के मन में क्या था हमें नहीं पता पर इसके विरोध करने वाले सारे स्वार्थी और इसके सहारे अपनी रोटी सेंकने वाले महा स्वार्थी लोग हैं।आपकोबता दें की इसकी विरोध करने वाले सभी ने जाति का शॉर्टकट रास्ता अपनाया अपने पेट भरने के लिए तथा ऊंचा पद पाने के लिए इनमे से कोई भी सिर्फ और सिर्फ अपने मेहनत के बल पर नही उठे हैं। 
अच्छे इस सब को इस दोहे में सिर्फ एक ही शब्द से ज्यादा तकलीफ है, और इस समाज की तकलीफ बयान करते हैं, इस दोहे में तो और भी वर्गों को कोट किया गया है उन सब से क्यों सहानुभूति नहीं है क्योंकि उनका वोट बैंक बहुत छोटा है या उनको तो वोट ही नही पड़ता है, इसीलिए बाकी सब से क्या, बस अपना वोट पर ध्यान दो और उनको भड़का कर अपना उल्लू सीधा करो। जो पढ़े लिखे होते हैं वो जाति आधारित नौकरी और ऊंची पद खोजते हैं और इनमें जो अनपढ़ और क्रिमिनल प्रवृति के होते हैं वो नेतागिरी में उतरते हैं।