Sunday, 3 July 2022

Sabhi Yoga kaise karen। सभी योगा कैसे करेंl How to do all yoga

 



योग अभी हमरे रोजाना जिंदगी क अभिन्न अंग होगया है । बहुत ज्यादा लोग अब बिना योग किये अन्न ग्रहण नहीं करते हैं । और जरूरी भी है । जैसा अभी वायु प्रदूषित हुआ है , जैसा हम खाना कहते हैं जिसमे रासानिक खाद और जहरीला कीटनाशक बहुतयात मात्रा में होता है जिससे हमे सबसे ज्यादा नुक्सान पहुंचता है हमारे शरीर को । पर्यावरण , खाना और पानी सभी बहुत दूषित हो चूका है । इसका अत्यंत नुकसान हमारे शरीर पर हो रहा है । इसी कारण लोगों को योग के शरण में जाना पड़ रहा है । और इन सब के बाद आज के जीवन शैली में बहुत ज्यादा टेंशन भी अपना दुष्प्रभाव दिखा रहा है ।

अब सवाल उठता है की क्या किया जाए। दवा इत्यादि से लोग थकने लगे हैं। इसका दुष्प्रभाव अलगसे । इतना ही नहीं दवा भी अब फेल कर रहा है और खर्च तो पूछिए मत, छोटा से छोटा डॉक्टर विजिट पर भी अनेकह टेस्टों पर बहुत खर्च करवा दिया जाता है और अगर अस्पताल में भर्ती हुए तो कितना खर्च होगा इसका कोई सीमा नहीं अक्सर तो लोग जवाब देदेते हैं अगर आप अपना हाथ नहीं उठाते हैं तो ये अस्पताल आपका जिंदगी तबाह कर देगा आपको सड़क पर ला कर ।

इन सब ऊपर वाले परेशानियों से ही लोग अब योग के शरण में जा रहे हैं ।

अब सवाल उठता है की योग भी बहुत तरह क है । अनेखों योग है । इतने सारे योग के बावजूद सबसे बड़ा दुविधा ये होजाता है की कौनसा योग किया जाय और कौनसा छोड़ दिया जाय । इतना ही नहीं अलग अलग लोगों या योगाचार्यों क अलग अलग विचार होता है की कौन सा योग कौन सा रोग पर कारगर है ।

इसी को लेकर इनसब दुविधाओं क एक इलाज है हम सभी योग को करें । अब सवाल उठता है की इतने सरे योग कैसे किया जय , एक बार में तो संभव ही नहीं है की हम लगातार सब योग करें वो भी एक ही दिन में सभी ।

इसका एक उपाय है की हम सभी योग को विभिन केटेगरी में बाँट दें । और इसका सबसे सरल उपाय है की हम सभी योग को उनके बैठने के मुद्रा के हिसाब से केटेगरी बना दें ।

पहला दिन - पद्मासन मुद्रा में योगायें

हम अपने योगासन सब शुरू करने से पहले ओमकार करें , फिर ध्यान करें , तत्पश्चात प्राणायाम और फिर योगासन शुरू करें ।

Image result for yogasan in padmaasan pose images

Admin Tool bar kya hai WordPress mei

वर्डप्रेस मैं एडमिन टूलबार ऊपर में होता है। ये कला रंग पतला  सा बार है जिसपे विभिन्न कार्यों के बारे में लिखा होता है और कोई भी रजिस्टर्ड वर्डप्रैस यूजर ही उसे देख सकते हैं और इस्तेमाल कर सकते हैं।


जैसा आप देख सकते हैं इस चित्र में, उपर वाला काला पट्टा जिसमे somewisdomm, 27, 22, New इत्यादि सब जो लिखा है वो ही Admin Tool है। इस एडमिन टूल से ही आप अपना काम आसानी से कर सकेंगें, जैसे कोई नया पोस्ट लिखना या अपना प्रोफाइल एडिट/सुधार करना।
एडमिन टूलबार लेकिन सिर्फ wordpress के रजिस्टर्ड व्यक्ति या जिनके पास कोई साइट का id और पासवर्ड है वो ही इसे देख सकते हैं।
एडमिन टूल बार को WordPress tool bar भी कहते हैं।

Tuesday, 28 June 2022

Products Online kaise Sale karen


 

Products ko online bechna kyon jaruri hai

भाई प्रोडक्ट तो अपना अपने बना लिए, पर अब कैसे बेचा जाय, यह एक यक्ष सवाल है।

कोई प्रोडक्ट तो बनाना लेना आसान है या बहुत मुश्किल की हुआ बनाने में हमें, पर अब जैसा भी हुआ उसे बेचना है बिना बेचे तो ये समान मिट्टी बराबर है।

हमें अपना लागत निकालने के लिए बेचना है, ताकि हमारा जो खर्च हुआ है बनाने में वो पूंजी हमारा निकल जाए।

हमें अपना मेहनताना निकल जाए इसलिए बेचना है।

साधारणतः हम कोई सामान/प्रोडक्ट बनाते हैं ताकि उसे बेचकर अपना गुज़र बसर करें। हम प्रोडक्ट बनाते हैं ताकि उसे बेचकर अपना रोज़ी रोटी कमाएं।

रोजगार करने के लिए प्रोडक्ट बनाया जाता है, ताकि अपना और परिवार का गुज़र हो।

इस बेरोज़गारी वाले समय में लोगों को अब अपने पैरों पर खड़ा होने पड़ रहा है, तब ये नौजवान कुछ अपना व्यापार शुरू करते हैं जिसमे बहुत सारे तो अपना मैन्युफैक्चरिंग करते हैं जिसमें विभिन्न प्रोडक्ट्स को बनाया जाता है।

विभिन्न किस्मों के प्रोडक्ट्स तो बना लेते हैं ये उद्योग लगाने वाले अपने अनुभव से, या कोई तकनीकी शिक्षा से, या कोई भी जुगाड़ से ही सही, पर अब सबसे बड़ा प्रश्न उसे बेचने का आता है।

छोटा उद्योगपति हो या टाटा बिड़ला, सभी को तो अपना प्रोडक्ट्स तो बेचना ही है, बिना अपना सामान बेचे सब मेहनत और पैसा तो बेकार रहेगा।

तो सेल/बेचना आज के युग में सबसे बड़ी चैलेंज या बाधा है।

वीर वही है जो माल बेच ले सफलता पूर्वक।

Sale karne mei badhayen

अपना माल बेचने के लिए बहुत मेहनत करना पड़ता है।

मार्किट में ऐसे माल पहले से ही भड़े पड़े होते हैं।

माल बेचने में एक से बढ़ कर एक बाधाएं आती हैं।

आप जब उतरेंगे मार्किट में अपना या किसी का भी माल बेचने के लिए तब आपको अनेख परेशानियों मौजूद मिलेंगीं।

माल बेचने में तो इतनी परेशानी मिलती है कि अच्छे अच्छहों को होश ठंडा कर देता है ये मार्किट।

माल बेचना , जिसे मार्केटिंग कहते हैं इतना कठिन और चैलेंजिंग होता है कि ज्यादातर मार्केटिंग वाले बैक टू पैवेलियन हो जाते हैं, मतलब घर को वापस । ज्यादातर लोग मार्केटिंग लाइन छोड़ दूसरे ट्रेड या कार्य में चले जाते हैं, जैसे फैक्ट्री, सर्विस सेक्टर में आफिस, कंप्यूटर पर इत्यादि इत्यादि।

Sale ke prakar|सेल के प्रकार

सेल या मार्केटिंग दो प्रकार के होते हैं , Offline और ऑनलाइन

Offline का मतलब हुआ ट्रेडिशनल मार्केटिंग मतलब हम जो अभी तक जिस तरह से वर्षों से करते आ रहे हैं। Offline में माल हम पुराने तरीके आधारित होता है, जिसमे हम माल को कंपनी से हम उसे अपने गोदाम या एक एजेंसी बनाकर उसके गोदाम तक पहुंचाते हैं। फिर उस माल को हम गोदाम से बाहर ले जाकर बेचते हैं विभिन्न माध्यमों से, जैसे अपने एजेंसियों को टारगेट दिया जाता है बेचने के लिए, ऐसा ही एक छोटा टारगेट दुकानदारों को दिया जाता है। इन सब एजेंसी और दुकानदारों के ऊपर एक मार्केटिंग मैनजर होता है जिसका काम होता है कि ये देखें कि माल की खपत मार्किट में हो।इन विक्रेताओं के साथ मार्केटिंग स्टाफ होता है कंपनी के तरफ से जो माल को बेचने में इनका सहयोग करता है।

आजतक हम यही चैनल सिस्टम में माल बेचते आये हैं, जिसमे तैयार माल फैक्ट्री से निकलकर विभिन्न चैनलों के माध्यम , जैसे फैक्ट्री के बाद किसी एजेंसी का गोदाम, फिर विक्रेताओं के दुकान तक ये माल पहुंचता है जहां से अंत में ग्राहकों को उपब्ध और समझ बुझाकर कर इनको बेचा जाता है।

हमारा वो ही पुराना रास्ता अब व्यापारियों, कंपनियों के माल से भर गया है। एजेंसी और विक्रवताओं कि दुकानें अब विभिन्न कंपनियों के माल से भर चुका है, अगर कोई नया प्रोडक्ट ले कर इनके पास जाते हैं तो ये एजेंसी और दुकानदार हाथ जोड़ लेते हैं और कुछ तो बड़े बॉस की तरह किसी नए सेल्स एक्सवेक्यूटिव को तो झिड़क ही देते हैं, या फिर बहुत सारे बेईमान दुकानदार आपसे माल ले लेंगें और पैसों के लिए दौड़ाते रहेंगें।

तो ऐसा ही भयावह दृश्य है पुराने ढर्रे वाले offline मार्केटिंग का। घनघोर प्रतियोगिता माल बेचने का, पूरा मार्किट मिलता जुलता प्रोडक्ट्स से भरा हुआ है, और अगर ये दुकांसर नपक माल ले भी लेते हैं तो पैसे देने में न नुकुर करते हैं, इतना ही नहीं आपके मातहत जो लड़के काम करते हैं वो भी इसी जमाने के धूर्त, मक्कार, और बेईमान होते हैं, ये साले वाले लड़के आपको बर्गलायेंगें और आपका खर्च करवा देंगे बिना कुछ बेचे और कुछ दुष्ट तो आपका पैसा ही लेकर मार्किट से उड़ जाएंगे।

ऐसी स्थिति में तो अब offline छोड़ एक नया रास्ता अपनाना होगा, और जो हमे इंटरनेट ने हमें मौका प्रदान किया है अपने माध्यम से जिसे ऑनलाइन मार्केटिंग कहते हैं।

Online sale kaise karen|ऑनलाइन सेल कैसे करें

ऑनलाइन मार्केटिंग से आप अपना बिज़नेस अपने शहर, देश, या पूरे विश्व में बेच पाएंगें,इंटरनेट के माध्यम से आपकी पहुंच दूर दूर तक होगी।

ऑनलाइन सेल एक नया प्लेटफार्म मिला है लोगों को अपने माल बेचने का, जहाँ पहले वाले झंझटों से दूर रहेंगें।

ऑनलाइन सेल में कुछ प्रोसेस हैं जिसके द्वारा आप अपना माल बेच सकते हैं।

Website banana

सबसे पहले आप अपना वेबसाइट बनाते हैं, जहां पर आपके कंपनी का सब डिटेल्स होता है, आपके कंपनी के बारे में, आपका पता, और आपके प्रोडक्ट्स का पूर्ण विवरण पूरे विस्तार में फ़ोटो के साथ में।

एक वेबसाइट एक या कई पन्नों का होता है, आपके जरूरत के हिसाब से।

आप अपना वेबसाइट खुद बनाइये या दूसरों से बनवाये। अब तो आपको वेबसाइट सस्ते में देने वाले बहुत सारी कंपनियों आ गयी हैं। आप गूगल से भी एक सस्ता वेबसाइट ले सकते हैं Google Business Profile से।

अबतो बहुत विकल्प हैं वेबसाइट बनाने का, बहुत ऑनलाइन कंपनियां हैं जो आपको थोड़े कीमत पर आपको वेबसाइट बना देंगी या आपको बनाना भी सीख देगी जैसे Bluehost इत्यादि।

वेबसाइट आपका इंटरनेट का पता है या आपके बिज़नेस का जगह है जहाँ पर आप सभी को अपने बारे में बता सकते हैं, ग्राहकों से बात भी कर सकते हैं।

इसी में एक Dynamik वेबसाइट होता है जो थोड़ा महंगा होता है पर सेफ और सिक्योर होता है।

वेबसाइट भी अनेख प्रकार का होता है, कुछ वेबसाइट जैसे co.in में आप अपना प्रचार सिर्फ अपने देशभर में ही कर पाएंगें, पर .com पर आप दुनिया भर में अपना संदेश भेज सकते हैं। तो आपको अपने अनुसार वेबसाइट का पता चुनना है।

Domain ki jarurat

वेबसाइट और इंटरनेट पर अपना पता होने के लिए हमे एक Domain की जरूरत पड़ती है, ये ही डोमेन हमारा पता होता है इंटरनेट की दुनिया में। लोग हमें इसी डोमेन वाले पते पर जाकर हमें कांटेक्ट कर पाएंगे। ऐसा डोमेन हमे गूगल से मिलता है जो www.domainnam.com के तरह होता है जहाँ domainnam ही हमारा पहचान होता है जिसे हम गूगल से खरीदना होता है।

SEO Promotion krna

SEO प्रमोशन के अंदर बहुत कुछ आता है, लगभग सभी ऑनलाइन प्रमोशन SEO के अंदर ही होता है, जैसे Keywords, सोशल मीडिया इत्यादि इत्यादि।

Keywords ka istemal

इंटरनेट पर बहुत कम्पटीशन है, बहुत सारी कंपनियां हैं। इसीलिए आपका प्रोडक्ट, आपकी कंपनी टॉप की गूगल पन्नों पर दिखे इसके लिए आपको कुछ मेहनत करनी होगी। मेहनत यही है कि आप कुछ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल अपने वेबसाइट और प्रोडक्ट्स के विवरण में करें जिन शब्दों का इस्तेमाल लोग या ग्राहक इंटरनेट पर अपनी जरूरत खोजने में करते हों।

ऐसे खास शब्दों के इस्तेमाल को ही keywords बोलते हैं। सही कीवर्ड्स के इस्तेमाल से ही हम अपने माल को सही ग्रहक तक पहुंचा सकेंगें। इंटरनेट की दुनिया में कीवर्ड्स सबसे ज्यादा मायने रखता है हमारे सफलता के लिए।

Keywords प्रमोशन में आपको अपने प्रोडक्ट या सर्विस से सम्बंधित ज्यादा से ज्यादा मिलता जुलता अलग अलग keywords का इस्तेमाल करना होगा ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग हम अपने ओर खींच सके।

ज्यादा से ज्यादा कीवर्ड्स का इस्तेमाल करें और ज्यादा keywords विकल्पों के भी प्रयोग करें अपने पोस्ट या ब्लॉग में।

E mail marketing krna

ईमेल मार्केटिंग में हम अपने और अपने प्रोडक्ट्स के बारे में लोगों को ईमेल के द्वारा बताते हैं।

ईमेल मार्केटिंग करने वाले भी अनेक कंपनियों , जैसे mailchimp इत्यादि जो आपका प्रोडक्ट्स को ईमेल के द्वारा लोगों तक प्रचार कर देते हैं।

Search Engine promotion

नेट गूगल की तरह yahoo, mozila, bing, इत्यादि अनेख सर्च इंजन मौजूद हैं ।लोग अपने पसंद की सर्च इंजन का इस्तेमाल करते हैं, इसीलिए हमें अपने बिज़नेस को अलग अलग सर्च इंजन पर प्रमोट करने होगा।

POP email ID

आप बिज़नेस कर रहे हैं तो आपको कुछ हथकंडे अपनाने होते हैं कुछ तड़क भड़क दिखाना होता है ताकि ग्राहक अपक्व तरफ आकर्षित हों। इसी में है नपक अपना ईमेल आई डी। बिज़नेस वाले अपना आई डी भी अन्य लोगों से अलग रखते हैं, इस आई डी में google. com की जगह आपके बिज़नेस का नाम दिया जाता है, मतलब ...@apka businessnam.com वाला आई डी होगा।

Whatsapp par product promotion

Whatsapp तो आप सब समझ ही रहे होंगें, व्हाट्सएप्प तो एक अनपढ़ मज़दूर भी जनता है और इस्तेमाल करता है, तो आप इस माध्यम का भरपूर इस्तेमाल कर सकते हैं product प्रचार प्रसार करने के लिए।

व्हाट्सएप्प पर बहुत ग्रुप्स होते हैं इन ग्रुप्स में अपने प्रॉडक्टस का पूर्ण विवरण फ़ोटो के साथ पोस्ट करें, इसी तरह आप सिंगल नम्बर्स पर भी अपने सामान का प्रचार भेजें।

Social media prachar

ऑनलाइन बिज़नेस में सोशल मीडिया का एक अहम रोल होता है। इंटरनेट में अनेख सोशल मीडिया आगये हैं, जिसमे प्रमुख हैं फेसबुक, व्हाट्सएप्प,ट्विटर,लिंकेडीन,पिंटरेस्ट, इंस्टाग्राम, गूगल प्लस, Quora इत्यादि।

इन सब सोशल मीडिया का इस्तेमाल होता है बिज़नेस का प्रचार के लिए।

इन सोशल मीडिया पर लाखों कड़ोरों लोग जुड़े रहते हैं, अगर आपका सामान इन कड़ोरों में से कुछ हजार ही देख लें तो आपका काम हो जाएगा।

इन सोशल मीडिया पर आपको अपना बिज़नेस को प्रोमोट करना होता है। इनपर आपको अपने प्रोडक्ट्स का फोटो डालना होगा और उनके बारे में एक विवरण पोस्ट करना होगा। ये सब प्रक्रिया आपको हमेशा करते रहना होगा ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग उसे देखें।

अपना प्रचार करने के लिए तो शुरू में आपको इन सोशल मीडिया का ही इस्तेमाल करना होगा, ये ही आपको बहुत सारे viewers और visitors प्रदान करेगी। शुरू में आपके दोस्त आपके नजदीक वाले ही आपका प्रचार करने में सहयोगी होंगें।

1.Facebook se sale karna।फेसबुक से प्रचार/सेल करना

सोशल मीडिया में सबसे ताकतवर फेसबुक है, एक अनुमान के अनुसार 50 प्रतिशत से ज्यादा सेल फेसबुक के माध्यम से होता है। मतलब फेसबुक पर जितना आपका प्रोडक्ट दिखेगा, प्रचार या पोस्ट के माध्यम से, उतना ही लोग ख़रीदेगें।

करीब 150 करोड़ आदमी प्रतिदिन फेसबुक खोलते हैं।

2.Instagram se online sale। इंस्टाग्राम से सेल

इंस्टाग्राम एक दूसरा सोशल मीडिया है जिसके माध्यम से हम अपना सामान बेच सकते हैं। इंस्टाग्राम के विज्ञापनों से आप अपना प्रचार और बिक्री दोनों कर सकते हैं। पर इंस्टाग्राम पर विज्ञापन थोड़ा महंगा होने के कारण आप नए प्रोडक्ट्स का सिर्फ प्रचार पहले कर सकते हैं।

3.Pinterest se prachar। पिंटरेस्ट से प्रचार

Pinterst पर ज्यादातर नौजवान होते हैं, उसमें भी ज्यादा प्रतिशत महिलायों का होता है। इस लिए अगर आप पिंटरेस्ट के माध्यम का उपयोग करते हैं तो इनसे सम्बंधित प्रोडक्ट्स को प्रमोट करें। 

वैसे पाया गया है कि पिंटरेस्ट के इस्तेमाल से 30 प्रतिशत ज्यादा ट्रैफिक आपका बढ़ता है, जिससे आपके इनकम कई गुना बढ़ता है।

सोशल मीडिया प्रचार में फेसबुक, इंस्टाग्राम,और पिंटरेस्ट ज्यादा असर कारक होता है।

E Commerce se online marketing

E-commerce बना कर आप अपना offline दुकान का विस्तार कर सकते हैं। ecommerce से आप ऑनलाइन मार्केटिंग कर सकते हैं और अपना व्यापार का विस्तार बड़ा सकता हैं, यह विस्तार लोकल से लेकर वैश्विक हो सकता है।

E commerce साइट से आप अपना ब्रांड भी प्रचार कर सकते हैं।

E commerce साइट पर अपना प्रोडक्ट्स का detail दे सकते हैं, उसके बारे में विस्तार से पोस्ट्स दे सकते हैं।

Google ads ke madhym product prachar।गूगल से प्रोड्क्ट प्रचार

गूगल के माध्यम से भी आप अपना प्रोडक्ट या सेवा का प्रचार प्रसार करवा सकते हैं। Google Ads गूगल का एक सेवा है जिसके माध्यम से आप भी प्रचार करवा सकते हैं, आपको बस उसके स्कीम में जाना है तथा अपना बजट बता कर अपने सेवा का प्रचार करवा सकते हैं।

Blogging

ब्लॉगिंग में आपको अपने प्रोडक्ट के ऊपर एक लेख लिखना होगा। इसी लेख को नेट के भाषा में ब्लॉग कहते हैं। ब्लॉग में आप कभी भी बदलाव कर सकते हैं, कुछ भी कभी भी जोड़ सकते हैं या कुछ हटा सकते हैं, यही ब्लॉग की विशेषता है, जो उसे साधारण लेख से अलग करता है। ब्लॉग को हमेशा किसी वेबसाइट पर लिखते है,वेबसाइट को आप बनवा सकते हैं या फिर किसी ऑनलाइन किसी से खरीद सकते हैं,गूगल से तो आप मुफ्त में blogspot.com पर एक डोमेन लेकर अपना ब्लॉग लिखें अपने बिज़नेस और अपने प्रोडक्ट के ऊपर विस्तार में फोट और वीडियो सहित।

ब्लॉग में आप अपने प्रोडक्ट के बारे में धुन कर लिखें और बड़ाई करें। माल का पूर्ण विवरण दें, उसकी विशेषताएं, बनावट, इस्तेमाल और उसके मूल्य भी।

हर ब्लॉग या पोस्ट या कोई भी अन्य ऑनलाइन लेख में अपना लिंक और फ़ोटो नीचे में इन्सर्ट/पेस्ट कर दें।

SMO promotion

उपर में दिए गए माध्यम सभी मुफ्त वाले थे , इन सभी माध्यमों का इस्तेमाल आप बिना कुछ पैसे खर्च किये कर सकते हैं पर इन सभी माध्यमों से किया हुआ प्रचार बहुत समय लेता है। अगर आप तेजी से अपना प्रचार करवाना चाहते हैं तो आपको विभिन्न माध्यमो का इस्तेमाल कुछ खर्च कर करना होगा, जैसे google ads, या फेसबुक पर, या और भी दूसरे माध्यम हैं जहां आप अपने बजट के अनुसार खर्च कर तेजी से प्रोडक्ट का प्रचार कर सकते हैं और आपको फायदा मतलब सेल/बिक्री  

Thursday, 23 June 2022

Rasaynik Khad ya Jaivik khad

 आज रासायनिक खाद और जैविक खाद पर बहुत विवाद उठ गया है हमारे देश में। वैसे अगर हम दूसरे देशों में झांके तो मेरे समझ से कम से कम सभी विकासशील, मतलब गरीब देशों में एक ही स्तिथि है।

Rasaynik khad ki jarurat। रासायनिक खाद की जरूरत

जब से मानव सभ्यता खड़ा हुआ तबसे खेती उस वक्त के उपस्तित वस्तुओं से कम चलाया गया। खाद के नाम पर लोग जंगल को ही जल देते थे और फिर उस जगह पर खेती करते थे। इसके बाद किसान सड़ा हुआ मल गोबर का इस्तेमाल करने लगे। इसी तरह से खेती और जिंदगी चल रही थी हज़ारों साल से। लेकिन इतने सालों में पर्यावरण को कोई छति तो कभी हुई नहीं, क्योंकि न तो कारखानों का कार्बोनिक उत्सर्जन हुआ न ही आबादी बड़ी। लेकिन अकाल बार बार होते रहा, इसका एक कारण तो साशन की बहुत ज्यादा और जबरदस्ती वसूली किसानों से राज्य के नाम पर। लेकिन बाढ़ और सुखाड़ से पैदावार कम होने से अकाल जरूर पड़ता था। फिर धीरे धीरे आबादी भी बढ़ने लगी,तब ज्यादा अनाज की जरूरत पड़ने लगी। और फिर रासायनिक खाद का ईजाद हुआ जिसके इस्तेमाल से किसान ज्यादा फसल उपजाने लगे।

रासायनिक खाद के इस्तेमाल से दुनिया से अकाल और भुखमरी दूर हो गयी।

किसान हर फसल और खेती में रासायनिक खाद का इस्तेमाल करने लगे। किसान ज्यादा और ज्यादा उपज के लिए अनाधुन इस खाद का इस्तेमाल करने लगे।

Rasaynik khad ka dushparinam ।रासायनिक खाद का दुष्परिणाम

रासायनिक खाद से समृद्धि तो आयी, भुखमरी भी दूर हुआ, पर हिसाब से ज्यादा इस्तेमाल से इसका दुष्परिणाम भी दिखने लगा।

सबसे पहले तो अत्यधिक रासायनिक खाद के इस्तेमाल से लोगों के स्वास्थ पर पड़ा। लोग के सेहत में विभिन्न रोग होने लगा।

दूसरा और सबसे ज्यादा तो रासायनिक खाद मिट्टी की उर्वरकता खत्म होने लगी। रासायनिक खाद का इस्तेमाल हर साल खेत में बढ़ने लगी, ये ऐसा कुचक्कर चला कि हर नई फसल चक्र में खेतों में और ज्यादा खाद देना पड़ रहा था। मिट्टी की उर्वरकता हर बार रासायनिक खाद के इस्तेमाल और घटते जा रही थी। ये एक चक्र ऐसा बन गया कि खेत में पिछले समय से और ज्यादा खाद देना पड़ रहा था, और इसके देने के बाद मिट्टी और ज्यादा ऊसर हो रही थी, जो अब अगले फसल में और ज्यादा रसायनिक खाद का जरूरत मांगता था।

इस चक्कर में खेत, किसान, और सरकार सभी फंस गये हैं। रासायनिक खाद का इस्तेमाल कम करते हैं तो उपज कम होती है, उपज कम होती है तो आमदनी किसानों की कम होती है और फसल उपज के दाम आसमान छूने लगतीहै। देश में महंगाई बढ़ जाती है और किसान के साथ साथ जनता हाहाकार मचा देती है। जन प्रतिनिधि वाली सरकार पेशोपेश में आजाती है इसे समझ में नही आता है कि क्या करें क्या न करें, खाद कम या बंद करे तो किसान हल्ला करती है, महंगाई से आम जनता भी हंगामा करती है। कृत्रिम खाद न बन्द करे तो खेत तो बर्बाद होती ही है और साथ में विदेश से यह खाद खरीदने के लिए विदेशी मुद्रा यानी डॉलर की व्यवस्था साथ में करनी पड़ती है, जो कि बहुत मुश्किल काम होता है।

Rasayanik khad ka vikalp। रासायनिक खाद के चक्र से मुक्ति

अब इस कुचक्र से कैसे मुक्ति मिले यह भारत ही नही सभी विकासशील देशों की समस्या हो गयी है। इस चक्र को रोकना मुश्किल हो गया है, रोकते हैं तो मुश्किल नही रोकते हैं तो मुश्किल।

यदि एकाएक इस चक्र को रोकने से देश की स्तिथि श्रीलंका की तरह धड़ाम से नीचे गिर जाएगी, और यहां का हाल भी जीवन मृत्यु वाला हो जाएगा।

इसका एक ही उपाय है कि हम मिश्रित व्यवस्था बनाएं, जहाँ कृत्रिम खाद और जैविक खाद दोनों का इस्तेमाल हो। धीरे धीरे हमें जैविक खाद की मात्रा को बढ़ाना होगा तभी जा कर ये एक तरफ व्यवस्था, जहाँ सभी इसमें नुकसान में हैं, ठीक हो सकेगा नही तो श्रीलंका की तरहअचानक से रासायनिक खाद बन्द करने से उन्ही की तरह हमारा खेती प्रधान व्यस्तस्था और भी भयावह हो जाएगा।

आज क़तर देश से पानी जहाज में कंटेनर द्वारा गाय की गोबर का डिमांड है तब हम अपने यहाँ क्यों न इस्तमाल करें। हमे देखना होगा कि हम सही और मजबूत जैविक खाद का इस्तेमाल करें। जैविक खाद ही हमारे देश की अनेक परेशानियों से बचाएगा, विदेशी मुद्रा, स्वास्थ, खेत इत्यादि को। देश का भविष्य जैविक खाद से जुड़ा है। जैविक खाद है तो हम रहेंगें, नही तो सब खत्म होजायेगा, श्रीलंका से भी भयावह हमारा अंजाम होगा, त्राहि त्राहि मचेगा और दाने दाने को देश तड़पेगी।

Tuesday, 14 June 2022

Jio Sim ka kharch kaise ka karen

 आजकल जिओ सिम का ज्यादा प्रचलन और इस्तेमाल है।

रिलायंस ने एक साल तक मुफ्त में जिओ डेटा देकर सभी भारतीयों को इंटरनेट का चस्का लगा दिया है।

हर हाथ में एक स्मार्ट फ़ोन होता है, और ज्यादातर नौजवान सब पूरे समय इंटरनेट पर लगे रहते हैं।

मोबाइल और इंटरनेट तो देश का नम्बर एक नशा है।

अब ये नशा हो ही गया है तो इसे किस तरह संभालें।

अब हमें इंटरनेट को सामने से सामना तो करना ही है।

हमे इससे भिड़नना ही होगा।

ये नशा अब हमारी जरूरत हो गयी है।

मतलब हमें नेट रखना ही है और डेटा इस्तेमाल करना ही है।

ये अब नशा नहीं अब हमारी जरूरत हो गयी है।

जब जरूरी होगया है तो लेना ही पड़ेगा भाई।

Hmm

पर एक दिक्कत है।

बहुत बड़ा दिक्कत।

पैसे का भाई, पैसे का।

जरूरत तो है पर पैसा कहां से लायें।

इतना सारा खर्च तो पहले से ही है, ऊपर से रोज बढ़ती महँगाई, फिर क्या किया जाये।

कुछ तो करना ही होगा।

चलिए तो कुछ उपाय निकाला जाय। इन उपायों को इस्तेमाल करने से हमारा मोबाइल रिचार्ज खर्च कुछ कम होगा

1. सबसे पहले हमें अपना जरूरत देखना है। अगर हमें सिर्फ बात करना हो तो सिर्फ Talktime वाले से ही रिचार्ज करें।

लेकिन जिओ में टॉकटाइम का कोई प्लान नहीं होता, इसीलिए आपको दूसरा प्लान रिचार्ज करना होगा। एयरटेल इत्यादि में जबकि आप सिर्फ बातें करने के लिए भी रिचार्ज कर सकते हैं।

2. इसी तरह दूसरा उपाय है कि अगर हमें इंटरनेट से ही काम हो तो हम सिर्फ डेटा प्लान से ही रिचार्ज करें। डेटा प्लान से हम न सिर्फ नेट इस्तेमाल कर सकेंगे पर काल/बात भी कर सकेंगें।

काल या बातें हम Whatsapp के द्वारा वीडियो या साधारण काल सम्भव है।

PlanDataDaysCosting
18130GB30Days181/30=Rs.6.03 per day
55555 GB55 Days10.09 per day

यहाँ हम देख सकते हैं कि अगर हमें अपना मोबाइल से व्हाट्सएप्प काल करना हो तो सबसे सस्ता प्लान 181 वाला ही है, इसमें प्रतिदिन सिर्फ 6रुपये खर्च होंगें।

अगर हमें ज्यादा डेटा चाहिए तो हम ज्यादा वाला प्लान भी ले सकते हैं।

लेकिन डेटा प्लान रिचार्ज करने से पहले मोबाइल पर कोई रिचार्ज प्लान चलते रहना चाहिए नही तो डेटा प्लान लागू नहीं होगा, ऐसा उन प्लानों में होता है जहाँ NA लिखा होता है। नीचे देखें कैसे डेटा प्लान दिया रहता है।

3. इसके बावजूद अगर हमें डेटा और टॉकटाइम दोनों ही चाहिए तो पहले हम विकल्पों में से देख लें कि हमें कितना डेटा/नेट से काम चल जाएगा।

इसमें हम महीना का 2GB, 4GB ,6GB जैसे विकल्प होता है।

इसके बाद 1GB या 1.5GB प्रतिदिन का का भी विकल्प होता है।

जितना कम से कम डेटा से काम चल जाये उसी से रिचार्ज कर लेना चाहिए। लेकिन अगर हमें ज्यादा डाटा की जरूरत हो तो हम जरूरत कब हिसाब से अपना मोबाइल रिचार्ज कर लें, प्रति दिन का हिसाब करते हुए।

PlanDataDaysCost Per Day
29625 GB30 DaysRs9.86 per day

4. रिचार्ज प्लान में एक ही डेटा प्लान के कई विकल्प होते हैं।जैसे 24दिन, 28दिन,56दिन,84दिन इत्यादि इत्यादि। इन सब विकल्पों में से हमें प्रतिदिन कितना खर्च निकल रहा है

निकाल लेना है, और फिर सबसे कम खर्च वाले रिचार्ज प्लान को चुनें।

PlanDataDaysPer Day
2992GB/Day28 Day299/28 =10.68
6661.5GB/Day84 Days666/84=7.92 /day
149 1 GB/Day 20 Days Rs.7.45/day
1791 GB/ Day24 Days7.45/ Day
2091 GB/day28 Days7.46 /day

ऊपर से हम देख सकते हैं कि दो प्लान 149 और 179 सबसे सस्ता पड़ रहा है। ज्यादा खर्च नही करना हो तो हम 20 दिनों वाला प्लान से रिचार्ज करें और खर्च सिर्फ 149 में हमारा काम हो जाएगा, जहां हमे 1GB डाटा भी प्रति दिन मिल रहा है।

5. इसी तरह सालाना रिचार्ज प्लान भी आता है जो महीनवारी प्लानों से ज्यादा सस्ता होता है। अगर हम ऐसे प्लान पर खर्च कर सकते हैं तो ऐसे विकल्प को चुनें।

PlanDataDaysPer Day Cost
29992.5GB/Day3652999/365=8.21/day
25451.5 GB/day336Rs.7.57 per day

जैसा कि हमने ऊपर के डाटा टेबल में देख रहे हैं, सबसे सस्ता प्लान 2545 रुपये वाला भी प्रतिदिन के हिसाब से 12 पैसा महंगा है, उसके ऊपर सालाना पैसा भी भरो। तब क्या फायदा, फिर हम सस्ते वाले 149 या 179 से ही क्यों न काम चलाएं।

यहाँ हम देख सकते हैं कि सालाना प्लान सस्ता होता है ऐसा नहीं है अगर हम हिसाब निकालें तो।

6. दो सिम क प्लान

अंतिम में बताना चाहूंगा कि ज्यादातर लोगों के पास एक मोबाइल में दो सिम रखते हैं।

जिओ  के आने बाद जबसे इसने पूरा एक साल मुफ्त में नेट देकर सभी को एक सिम जिओ का तो अनिवार्य कर दिया। हर आदमी के पास  जिओ का एक सिम तो लेना ही पड़ा है, फ्री में जो इंटरनेट मिल रहा था। फिर जिओ ने चाल चला और फ्री नेट बन्द कर  उसे नक़दी कर दिया। इतना ही नही उन्होंने ऎसा किया कि आपको जिओ को रिचार्ज तो करना ही पड़ेगा और उसपर आप जिओ का सिम अपने मोबाइल में तभी इस्तेमाल कर सकेंगे जब आप जिओ सिम पर नेट पैक लेंगें। मतलब अगर आपको एक सिम पहले से है तो जिओ सिम तभी चला सकेंगें जब उसमे नेट रिचार्ज किये होंगें।

ये नेट कंपनियों शायद अपनी कमाई टॉकटाइम से नही परन्तु इंटरनेट डेटा रिचार्ज से ही कमाते हैं, और रिलायंस जियो ने इसीलिए ये चाल चला।

खैर कोई बात नहीं आप भी अपना पत्ता खेलें और रिलायंस जियो पर सिर्फ डेटा रिचार्ज करें उसे जिंदा रखने के लिए और दूसरे सिम पर सिर्फ टॉकटाइम का रिचार्ज करें। ऐसा करने से दोनों सिम का काम हो जाएगा और आपको खर्च भी कम पड़ेगा।

जैसे जिओ का 181 वाला प्लान चुनें जिसमें आपको 30GB प्रति महीना (30 दिन) मिलेगा, आप इसको प्रतिदिन 1GB इस्तेमाल का सेटिंग कर लें मोबाइल सेट में, और अगर ज्यादा की जरूरत है तो अपने हिसाब से नेट पैक रिचार्ज कर लें।

चिंता न करें, जियो सिम पर इनकमिंग कॉल्स आते रहेंगें, और अगर बात करना चाहें तो वो भी कर सकेंगें, व्हाट्सएप्प कॉल के 

Friday, 10 June 2022

SEO क्या है

SEO मतलब Search Engine Optimization. अब बता दें Search Engine इंटरनेट में उन सभी यंत्र या सॉफ्टवेयर को बोलते हैं जिसके द्वारा हम अपनी बात सारी दुनिया में पहुंचाते हैं, या ऐसा बोलें की जिसके माध्यम से हम कोई भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
SEO की जरूरत खास कर किसी वेबसाइट याक वेबसाइट पर दी गईं जानकारी/ब्लॉग/लेख को दुनिया में लोगों तक पहुंचाने के लिए किया जाता है।SEO के प्रोसेस से हम किसी भी वेबसाइट या ब्लॉग को ज्यादा से ज्यादा से इंटरनेट की दुनिया ऊपर और ऊपर ले जाते हैं।

Thursday, 9 June 2022

Online Marketing Kaise Karen

 

Products ko online bechna kyon jaruri hai

भाई प्रोडक्ट तो अपना अपने बना लिए, पर अब कैसे बेचा जाय, यह एक यक्ष सवाल है।

कोई प्रोडक्ट तो बनाना लेना आसान है या बहुत मुश्किल की हुआ बनाने में हमें, पर अब जैसा भी हुआ उसे बेचना है बिना बेचे तो ये समान मिट्टी बराबर है।

हमें अपना लागत निकालने के लिए बेचना है, ताकि हमारा जो खर्च हुआ है बनाने में वो पूंजी हमारा निकल जाए।

हमें अपना मेहनताना निकल जाए इसलिए बेचना है।

साधारणतः हम कोई सामान/प्रोडक्ट बनाते हैं ताकि उसे बेचकर अपना गुज़र बसर करें। हम प्रोडक्ट बनाते हैं ताकि उसे बेचकर अपना रोज़ी रोटी कमाएं।

रोजगार करने के लिए प्रोडक्ट बनाया जाता है, ताकि अपना और परिवार का गुज़र हो।

इस बेरोज़गारी वाले समय में लोगों को अब अपने पैरों पर खड़ा होने पड़ रहा है, तब ये नौजवान कुछ अपना व्यापार शुरू करते हैं जिसमे बहुत सारे तो अपना मैन्युफैक्चरिंग करते हैं जिसमें विभिन्न प्रोडक्ट्स को बनाया जाता है।

विभिन्न किस्मों के प्रोडक्ट्स तो बना लेते हैं ये उद्योग लगाने वाले अपने अनुभव से, या कोई तकनीकी शिक्षा से, या कोई भी जुगाड़ से ही सही, पर अब सबसे बड़ा प्रश्न उसे बेचने का आता है।

छोटा उद्योगपति हो या टाटा बिड़ला, सभी को तो अपना प्रोडक्ट्स तो बेचना ही है, बिना अपना सामान बेचे सब मेहनत और पैसा तो बेकार रहेगा।

तो सेल/बेचना आज के युग में सबसे बड़ी चैलेंज या बाधा है।

वीर वही है जो माल बेच ले सफलता पूर्वक।

Sale karne में badhayen

अपना माल बेचने के लिए बहुत मेहनत करना पड़ता है।

मार्किट में ऐसे माल पहले से ही भड़े पड़े होते हैं।

माल बेचने में एक से बढ़ कर एक बाधाएं आती हैं।

आप जब उतरेंगे मार्किट में अपना या किसी का भी माल बेचने के लिए तब आपको अनेखः परेशानियों मौजूद मिलेंगीं।

माल बेचने में तो इतनी परेशानी मिलती है कि अच्छे अच्छहों को होश ठंडा कर देता है ये मार्किट।

माल बेचना , जिसे मार्केटिंग कहते हैं इतना कठिन और चैलेंजिंग होता है कि ज्यादातर मार्केटिंग वाले बैक टू पैवेलियन हो जाते हैं, मतलब घर को वापस । ज्यादातर लोग मार्केटिंग लाइन छोड़ दूसरे ट्रेड या कार्य में चले जाते हैं, जैसे फैक्ट्री, सर्विस सेक्टर में आफिस, कंप्यूटर पर इत्यादि इत्यादि।

Sale ke prakar|सेल के प्रकार

सेल या मार्केटिंग दो प्रकार के होते हैं , Offline और ऑनलाइन

Offline का मतलब हुआ ट्रेडिशनल मार्केटिंग मतलब हम जो अभी तक जिस तरह से वर्षों से करते आ रहे हैं। Offline में माल हम पुराने तरीके आधारित होता है, जिसमे हम माल को कंपनी से हम उसे अपने गोदाम या एक एजेंसी बनाकर उसके गोदाम तक पहुंचाते हैं। फिर उस माल को हम गोदाम से बाहर ले जाकर बेचते हैं विभिन्न माध्यमों से, जैसे अपने एजेंसियों को टारगेट दिया जाता है बेचने के लिए, ऐसा ही एक छोटा टारगेट दुकानदारों को दिया जाता है। इन सब एजेंसी और दुकानदारों के ऊपर एक मार्केटिंग मैनजर होता है जिसका काम होता है कि ये देखें कि माल की खपत मार्किट में हो।इन विक्रेताओं के साथ मार्केटिंग स्टाफ होता है कंपनी के तरफ से जो माल को बेचने में इनका सहयोग करता है।

आजतक हम यही चैनल सिस्टम में माल बेचते आये हैं, जिसमे तैयार माल फैक्ट्री से निकलकर विभिन्न चैनलों के माध्यम , जैसे फैक्ट्री के बाद किसी एजेंसी का गोदाम, फिर विक्रेताओं के दुकान तक ये माल पहुंचता है जहां से अंत में ग्राहकों को उपब्ध और समझ बुझाकर कर इनको बेचा जाता है।

हमारा वो ही पुराना रास्ता अब व्यापारियों, कंपनियों के माल से भर गया है। एजेंसी और विक्रवताओं कि दुकानें अब विभिन्न कंपनियों के माल से भर चुका है, अगर कोई नया प्रोडक्ट ले कर इनके पास जाते हैं तो ये एजेंसी और दुकानदार हाथ जोड़ लेते हैं और कुछ तो बड़े बॉस की तरह किसी नए सेल्स एक्सवेक्यूटिव को तो झिड़क ही देते हैं, या फिर बहुत सारे बेईमान दुकानदार आपसे माल ले लेंगें और पैसों के लिए दौड़ाते रहेंगें।

तो ऐसा ही भयावह दृश्य है पुराने ढर्रे वाले offline मार्केटिंग का। घनघोर प्रतियोगिता माल बेचने का, पूरा मार्किट मिलता जुलता प्रोडक्ट्स से भरा हुआ है, और अगर ये दुकांसर नपक माल ले भी लेते हैं तो पैसे देने में न नुकुर करते हैं, इतना ही नहीं आपके मातहत जो लड़के काम करते हैं वो भी इसी जमाने के धूर्त, मक्कार, और बेईमान होते हैं, ये साले वाले लड़के आपको बर्गलायेंगें और आपका खर्च करवा देंगे बिना कुछ बेचे और कुछ दुष्ट तो आपका पैसा ही लेकर मार्किट से उड़ जाएंगे।

ऐसी स्थिति में तो अब offline छोड़ एक नया रास्ता अपनाना होगा, और जो हमे इंटरनेट ने हमें मौका प्रदान किया है अपने माध्यम से जिसे ऑनलाइन मार्केटिंग कहते हैं।

Online sale kaise karen|ऑनलाइन सेल कैसे करें

ऑनलाइन मार्केटिंग से आप अपना बिज़नेस अपने शहर, देश, या पूरे विश्व में बेच पाएंगें,इंटरनेट के माध्यम से आपकी पहुंच दूर दूर तक होगी।

ऑनलाइन सेल एक नया प्लेटफार्म मिला है लोगों को अपने माल बेचने का, जहाँ पहले वाले झंझटों से दूर रहेंगें।

ऑनलाइन सेल में कुछ प्रोसेस हैं जिसके द्वारा आप अपना माल बेच सकते हैं।

Website banana

सबसे पहले आप अपना वेबसाइट बनाते हैं, जहां पर आपके कंपनी का सब डिटेल्स होता है, आपके कंपनी के बारे में, आपका पता, और आपके प्रोडक्ट्स का पूर्ण विवरण पूरे विस्तार में फ़ोटो के साथ में।

एक वेबसाइट एक या कई पन्नों का होता है, आपके जरूरत के हिसाब से।

आप अपना वेबसाइट खुद बनाइये या दूसरों से बनवाये। अब तो आपको वेबसाइट सस्ते में देने वाले बहुत सारी कंपनियों आ गयी हैं। आप गूगल से भी एक सस्ता वेबसाइट ले सकते हैं Google Business Profile से।

वेबसाइट आपका इंटरनेट का पता है या आपके बिज़नेस का जगह है जहाँ पर आप सभी को अपने बारे में बता सकते हैं, ग्राहकों से बात भी कर सकते हैं।

इसी में एक Dynamik वेबसाइट होता है जो थोड़ा महंगा होता है पर सेफ और सिक्योर होता है।

वेबसाइट भी अनेखः प्रकार का होता है, कुछ वेबसाइट जैसे co.in में आप अपना प्रचार सिर्फ अपने देशभर में ही कर पाएंगें, पर .com पर आप दुनिया भर में अपना संदेश भेज सकते हैं। तो आपको अपने अनुसार वेबसाइट का पता चुनना है।

Domain ki jarurat

वेबसाइट और इंटरनेट पर अपना पता होने के लिए हमे एक Domain की जरूरत पड़ती है, ये ही डोमेन हमारा पता होता है इंटरनेट की दुनिया में। लोग हमें इसी डोमेन वाले पते पर जाकर हमें कांटेक्ट कर पाएंगे। ऐसा डोमेन हमे गूगल से मिलता है जो www.domainnam.com के तरह होता है जहाँ domainnam ही हमारा पहचान होता है जिसे हम गूगल से खरीदना होता है।

SEO Promotion krna

SEO प्रमोशन के अंदर बहुत कुछ आता है, लगभग सभी ऑनलाइन प्रमोशन SEO के अंदर ही होता है, जैसे Keywords, सोशल मीडिया इत्यादि इत्यादि।

Keywords ka istemal

इंटरनेट पर बहुत कम्पटीशन है, बहुत सारी कंपनियां हैं। इसीलिए आपका प्रोडक्ट, आपकी कंपनी टॉप की गूगल पन्नों पर दिखे इसके लिए आपको कुछ मेहनत करनी होगी। मेहनत यही है कि आप कुछ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल अपने वेबसाइट और प्रोडक्ट्स के विवरण में करें जिन शब्दों का इस्तेमाल लोग या ग्राहक इंटरनेट पर अपनी जरूरत खोजने में करते हों।

ऐसे खास शब्दों के इस्तेमाल को ही keywords बोलते हैं। सही कीवर्ड्स के इस्तेमाल से ही हम अपने माल को सही ग्रहक तक पहुंचा सकेंगें। इंटरनेट की दुनिया में कीवर्ड्स सबसे ज्यादा मायने रखता है हमारे सफलता के लिए।

Keywords प्रमोशन में आपको अपने प्रोडक्ट या सर्विस से सम्बंधित ज्यादा से ज्यादा मिलता जुलता अलग अलग keywords का इस्तेमाल करना होगा ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग हम अपने ओर खींच सके।

SMO promotion

E mail marketing krna

ईमेल मार्केटिंग में हम अपने और अपने प्रोडक्ट्स के बारे में लोगों को ईमेल के द्वारा बताते हैं।

Search Engine promotion

नेट गूगल की तरह yahoo, mozila, bing, इत्यादि अनेखः सर्च इंजन मौजूद हैं ।लोग अपने पसंद की सर्च इंजन का इस्तेमाल करते हैं, इसीलिए हमें अपने बिज़नेस को अलग अलग सर्च इंजन पर प्रमोट करने होगा।

POP email ID

आप बिज़नेस कर रहे हैं तो आपको कुछ हथकंडे अपनाने होते हैं कुछ तड़क भड़क दिखाना होता है ताकि ग्राहक अपक्व तरफ आकर्षित हों। इसी में है नपक अपना ईमेल आई डी। बिज़नेस वाले अपना आई डी भी अन्य लोगों से अलग रखते हैं, इस आई डी में google. com की जगह आपके बिज़नेस का नाम दिया जाता है, मतलब ...@apka businessnam.com वाला आई डी होगा।

Whatsapp API

Social media prachar

ऑनलाइन बिज़नेस में सोशल मीडिया का एक अहम रोल होता है। इंटरनेट में अनेख सोशल मीडिया आगये हैं, जिसमे प्रमुख हैं फेसबुक, व्हाट्सएप्प,ट्विटर,लिंकेडीन,पिंटरेस्ट, इंस्टाग्राम, गूगल प्लस इत्यादि।

इन सब सोशल मीडिया का इस्तेमाल होता है बिज़नेस का प्रचार के लिए।

इन सोशल मीडिया पर लाखों कड़ोरों लोग जुड़े रहते हैं, अगर आपका सामान इन कड़ोरों में से कुछ हजार ही देख लें तो आपका काम हो जाएगा।

इन सोशल मीडिया पर आपको अपना बिज़नेस को प्रोमोट करना होता है। इनपर आपको अपने प्रोडक्ट्स का फोटो डालना होगा और उनके बारे में एक विवरण पोस्ट करना होगा। ये सब प्रक्रिया आपको हमेशा करते रहना होगा ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग उसे देखें।

अपना प्रचार करने के लिए तो शुरू में आपको इन सोशल मीडिया का ही इस्तेमाल करना होगा, ये ही आपको बहुत सारे viewers और visitors प्रदान करेगी। शुरू में आपके दोस्त आपके नजदीक वाले ही आपका प्रचार करने में सहयोगी होंगें।

Blogging

ब्लॉगिंग में आपको अपने प्रोडक्ट के ऊपर एक लेख लिखना होगा। इसी लेख को नेट के भाषा में ब्लॉग कहते हैं। ब्लॉग में आप कभी भी बदलाव कर सकते हैं, कुछ भी कभी भी जोड़ सकते हैं या कुछ हटा सकते हैं, यही ब्लॉग की विशेषता है, जो उसे साधारण लेख से अलग करता है। ब्लॉग को हमेशा किसी वेबसाइट पर लिखते है,वेबसाइट को आप बनवा सकते हैं या फिर किसी ऑनलाइन किसी से खरीद सकते हैं,गूगल से तो आप मुफ्त में blogspot.com पर एक डोमेन लेकर अपना ब्लॉग लिखें अपने बिज़नेस और अपने प्रोडक्ट के ऊपर विस्तार में फोट और वीडियो सहित।

ब्लॉग में आप अपने प्रोडक्ट के बारे में धुन कर लिखें और बड़ाई करें। माल का पूर्ण विवरण दें, उसकी विशेषताएं, बनावट, इस्तेमाल और उसके मूल्य भी।


Read more by clicking on this link below:


Online Marketing