Friday, 5 May 2023

What is Favicon I Favicon kya hai



 फ़ेविकॉन "पसंदीदा आइकन" का संक्षिप्त रूप है।



फ़ेविकॉन किसी भी वेबसाइट पर लागू किया जाता है क्योंकि यह साइट के लिए एक दृश्य पहचान बनाने में मदद करता है, हम कह सकते हैं कि फ़ेविकॉन दूसरे शब्दों में एक वेबसाइट के लिए एक लोगो है।


आपने एक वेबसाइट के साथ एक तस्वीर देखी होगी ये तस्वीरें साइट के लिए फ़ेविकॉन हैं।


आप किसी भी छवि, पाठ या इमोजी का उपयोग करके ऐसे फ़ेविकॉन बना सकते हैं और उन्हें अपने फ़ेविकॉन में बदलने के लिए फ़ेविकॉन जेनरेटर का उपयोग कर सकते हैं।

fevikon "pasandeeda aaikan" ka sankshipt roop hai.


fevikon kisee bhee vebasait par laagoo kiya jaata hai kyonki yah sait ke lie ek drshy pahachaan banaane mein madad karata hai, ham kah sakate hain ki fevikon doosare shabdon mein ek vebasait ke lie ek logo hai.


aapane ek vebasait ke saath ek tasveer dekhee hogee ye tasveeren sait ke lie fevikon hain.


aap kisee bhee chhavi, paath ya imojee ka upayog karake aise fevikon bana sakate hain aur unhen apane fevikon mein badalane ke lie fevikon jenaretar ka upayog kar sakate hain.

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Skin problems I Charm ki pareshaniyan। चर्म से परेशानियां

 



आए दिन त्वचा संबंधी समस्याएं आ रही हैं, और ज्यादा से ज्यादा बढ़ते भी जा रही हैं।


त्वचा की समस्या अधिक से अधिक लोगों को अधिक और नई विविधताओं से परेशान कर रही है।


त्वचा संबंधी समस्याओं के कारण

बढ़ती त्वचा की समस्याओं का मुख्य और प्रमुख कारण हर जगह बढ़ता प्रदूषण है- हवा में, मिट्टी में और विभिन्न जल निकायों में।


आप वाहनों, कारखानों और घरेलू स्तर पर प्रदूषित हवा में सांस लेते हैं।


कई वाहनों और कारखानों से प्रदूषित हो रही हवा के अलावा, हम मच्छरों को दूर रखने के लिए अपने रहने वाले कमरे में जहरीले रसायनों का उपयोग करना जारी रखते हैं, जिससे स्थिति पहले से ही खराब हो गई है।


इसी तरह, आप जो कुछ भी खाते हैं वह आपकी मातृभूमि से आता है, और यह भूमि रसायनों-उर्वरकों और जहरीले कीटनाशकों और विभिन्न प्रकृति के रसायनों द्वारा अत्यधिक प्रदूषित है। जो भी खाना आता है वह बहुत जहरीला होता है और खाने से ही आपके शरीर में कई तरह की समस्याओं को जन्म देता है।


तीसरे, जमीन से बहने वाला पानी गांवों से लेकर कारखानों तक सभी कचरे का अंत हो गया है। यह पानी लोगों, कारखानों और कृषि द्वारा अत्यधिक प्रदूषित है।


अब तो स्थिति यह हो गई है कि पृथ्वी के भीतर के जलस्रोत भी, यानी जलभृत भी महत्वपूर्ण रसायनों के साथ भीतर के पानी के निक्षालन से प्रदूषित हो गए हैं। आर्सेनिक की भारी मात्रा से ये जल निकाय पहले ही जहरीले हो चुके हैं। फ्लोराइड, आदि, आदि


इन सबका परिणाम आपके शरीर में असंख्य चर्म रोगों के रूप में प्रकट होता है।


त्वचा संबंधी समस्याओं से कैसे छुटकारा पाएं

उपरोक्त मामले से, हम यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि त्वचा रोगों से छुटकारा पाने के लिए हमें एक स्वस्थ जीवन शैली अपनानी चाहिए।


त्वचा की समस्या हमारे भीतर की सभी गंदगी का प्रकटीकरण है, यह गंदगी हवा, पानी और भोजन से हमारे आस-पास की सभी चीजों से आती है।


तो सबसे पहले हम हर जगह मौजूद प्रदूषण से छुटकारा पाएं- सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण।


त्वचा रोगों से बचने के लिए भोजन

त्वचा की समस्याओं को दूर रखने के लिए कुछ खाद्य पदार्थों से परहेज करें।

नीम का एक पत्ती रोज खाया करे, ये फफूंद और अन्य कारणो को दूर रखता है और शरीर के रोग को ठीक भी करता है।


सेवन न करें:


1. खट्टे फल और भोजन।


2. रात के खाने से बचें, यानी ताजा भोजन ही खाएं।


3. नशीली या फर्मेंटेड खाद्य पदार्थ जैसे शराब, दही, ब्रेड, डोसा आदि आदि से परहेज करें।


4. शराब, सिगरेट आदि पेय पदार्थों से सख्ती से परहेज करें। इसके अलावा चाय और कॉफी को दूर रखने की कोशिश करें।


5. कई समस्याओं में दूध ट्रिगर मेकर का काम करता है या मामले को उलझा सकता है, इसलिए बेहतर है कि किसी भी तरह के दूध का सेवन न ही करें.


6. विपरीत भोजन न करें, जैसे दूध के साथ कोई भी नमकीन वस्तु नहीं खानी चाहिए। इसी तरह दूध के साथ कोई भी खट्टा खाना नहीं खाना चाहिए। एक बार फिर दूध के साथ फल खाने से परहेज करें। विपरीत खाद्य पदार्थ मामले को जटिल बनाते हैं और त्वचा की समस्याओं को ट्रिगर करते हैं।


स्वस्थ त्वचा के लिए दैनिक दिनचर्या

हर चीज के लिए सही समय के साथ एक नियमित जीवन जिएं।


त्वचा की समस्याओं से ग्रस्त लोगों के लिए एक स्वच्छ और स्वच्छ जीवन बहुत महत्वपूर्ण है।


आपका शरीर और आपके कपड़े भी अच्छी तरह से साफ होने चाहिए।

साबुन मुलायम किस्म का इस्तेमाल करें जैसे pears इत्यादि,या फिर निम आधारित सबूनो का प्रयोग करें जिससे से कीटाणु या रोग फैले नहीं।


स्वस्थ और तनाव मुक्त रहने के लिए रोजाना व्यायाम और योग का अभ्यास करना चाहिए। व्यायाम में तेज चलना या टहलना स्वस्थ शरीर के लिए सबसे अच्छा होता है, वह भी सुबह के समय।

रोज सुबह प्राणायाम भी करें।


उपवास रखें या सप्ताह में एक बार अनाज से बचें, और उस दिन फलों का सेवन करें, आम तौर पर भारतीयों द्वारा पीछा किया जाने वाला विशिष्ट दिन रविवार होता है।


अधिक से अधिक पानी पिएं ताकि शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाएं।


जल्दी सोएं और जल्दी उठें और जब आप व्यायाम करें तो ढेर सारी ताजी ऑक्सीजन लें।


आपको टेंशन को खुद से दूर रखना चाहिए। कम तनाव और ज्यादा से ज्यादा खुशी आपको स्वस्थ रखेगी और साथ ही आपका इम्यून सिस्टम अंदर और बाहर किसी भी शारीरिक समस्या का सामना करने के लिए मजबूत रहेगा।


इन सबके अलावा सुबह-सुबह, उगते हुए सूरज के सामने अपने चेहरे के सामने, बरसते हुए पानी से विक्षेपित किरणें अपनी आँखों में समाहित होने दें। इस प्रक्रिया का पालन हिंदुओं द्वारा एक धार्मिक प्रथा के रूप में किया जाता है और इसे अर्घ या उगते सूरज को अर्पित करना कहा जाता है।



साथ ही, हिंदू समुदाय द्वारा विभिन्न कष्टों से संबंधित कुछ मंत्रों का जाप किया जाता है। आप बिना किसी खर्च के इनका अभ्यास भी कर सकते हैं।



रोज सुबह नहाने के बाद हनुमान चालीसा का मंत्र " नासे रोग हरे सब पीड़ा, जपत निरंतर हनुमत बीरा" १०८ बार जाप करें, आपका रोग धीरे धीरे सुधार की तरफ होगा।


निष्कर्ष


उपरोक्त सभी स्वस्थ जीवन जीने के लिए सामान्य प्रक्रियाएं हैं, लेकिन इससे परे, यदि आप किसी गंभीर विकार से प्रभावित हैं, तो ऐसे आपातकालीन मामलों में एक विशेष त्वचा चिकित्सक को रेफर करना आवश्यक हो जाता है।



Tuesday, 18 April 2023

लू का कहर। Heatwave I Heatstroke

            🌞 लू 😧

__गर्मी में लू से बचने के घरेलू उपाय___💯
        
   _   लक्षण _
इसके अन्य लक्षण हो सकते है_लाल ,शुष्क त्वचा, शीरदर्द,चक्कर आना इत्यादि ।

(लू का कहर  से बचाव )

शरीर में पानी का पर्याप्त मात्रा रखे .
थोड़ा _थोड़ा खाना खाते रहे .
लगातार ठंडे_ गरम तापमान के बदलाव से बचे 
हल्के रंग वाले ढीले कपड़े पहने।
बाहर रहने का काम है,तो लगातार ब्रेक लें।
बेल या दुसरे तरह का शरबत ले,बाहर का खाना न खाएं ।
आधा दूध और आधा पानी का लस्सी पी सकते है।
गरमी के मौसम में वैसे तो हर कोई धूप में निकलने से बचता है,परंतु अगर निकलना बहुत जरूरी है तो इसे टाला भी नहीं जा सकता.
अगर कही जाना हो 🏃तो घर से पानी या कोई ठंडा शरबत पी कर जैसे आम पक्का,शिकंजी इत्यादि

__________सावधानियां ________
कुछ सावधानियां बरत कर लू और गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है।



Monday, 20 February 2023

Helpless Mother। असहाय मां





यही वो चबूतरा है जहां मां पाईं गई थी।
हमारी मां जमींदार घर की मगर अपने पिताजी के गुजरने के कारण अपने ननिहाल में पली बढ़ी। मां के ननिहाल में उनके नाना दरोगा थे जो कभी हमारे गांव में पोस्टेड हुए थे जिसके कारण उनका रिश्ता यहीं हुआ था, पर मां अपने अन्य नाना के भाइयों के साथ रहती थीं जो जज थे, इसी तरह एक अन्य भाई कलेक्टर हुआ करते थे, पर इनका रहना सदैव अपने जज नाना के साथ ही हुई, और जहां भी इनका ट्रांसफर हुआ मां वहीं साथ जाति थी।
हमारी नानी अपनी नैहर में ही रहती थी, वो जादतर गांव पर रहती थी और वहां का खेत अनाज का देख रेख में अपना दिन बिताती थीं।
बड़ा सा घर हमारे पिताजी ने रिटायर होने के बाद बनाया था, जिसे उन्होंने मां का ही नाम दिया था,राजकिशोर भवन, इस डर से की कहीं कोई बेटा मां के साथ कोई गलत न करे जैसा अभी जमाने में चल रहा था और है भी।
वैसे पिताजी से ज्यादा तो हम दो भाई ही ज्यादा मानते थे अपने मां को, उसमे भी मेरा मां से लगाव एक बड़ा उदाहरण ही रहा है।
हम चार भाई थे, कुछ दूसरे राज्य में रहते थे और हम दो यहां ही। सबसे छोटा गांव पर मां पिताजी के साथ रहता था और मैं अपने परिवार के साथ राजधानी में अपना बिजनेस चलाता था। थोड़ा तेज़ होने के कारण कोई भी घर का परेशानी जैसे इलाज़ का मुझे ही देखना पड़ता था, कार होने के कारण मां पिताजी को गांव से शहर और फिर इलाज कर वापस करना हमारा ही काम होता था। इस सेवा में हम दोनो अपने अपने फील्ड में एकदम निपुण थे और बड़े शौक से हम उनका आगमन और घर पर रखना एंजॉय करते थे, इसमें मुख्य वजह मां से लगाव होने के कारण उनसे मजाक और पत्नी का शिकायत करना और सुनना होता था।
इसी तरह हमलेगों का जिंदगी बीत रहा था, पैरेंट्स के साथ रहना और उनका अस्पताल में इलाज कराना, क्योंकि हम उन्हे ठीक कर गांव भेजते थे पर घर पर उनका सेवा और खानपान ठीक से नहीं होता था, इसी तरह गांव से अस्पताल ,अस्पताल से गांव और फिर एक बार गांव से अस्पताल होते होते पिताजी का स्तिथि बिगड़ते चले गया और फिर आईसीयू फिर उसके बाद वेंटीलेटर पर जाने के बाद वो दुनिया छोड़ गए। घर पर एक बड़ा वट वृक्ष गिरने से हम सब बहुत दुखी थे और ज्यादा मैं अपने ज्यादा इमोशनल स्वभाव होने के कारण।
अस्पताल फिर गांव पर पिताजी का  काम सब अपने पैसों से कहीं से भी कोई हेल्प नही मिला, घर पर तो हमे यही पता था कि यहां तो को पैसा भी होगा क्योंकि जिस तरह से सब गुम्मी मारे हुए थे उससे कुछ इसी तरह ही हमने समझा। पर घर वालों की बेवकूफी के कारण जो इलाज का पैसा हमे कंपनी से वापस मिलता वो भी सारा डूब गया।
सारा काम क्रिया करने के बाद और घर पर तमाशा होने के बाद हम सब भारी मन से अपने शहर लौट गए।
गांव पर रिश्ता ही ठंडा होगया था जिसके कारण हमलोगो का वहां जाना बंद हो गया था। फिर पता नही किस बात पर हम एक दिन गांव गए। यहां हमने कुछ बैंक के अकाउंट बुक्स देखे जिन्हें ध्यान से देखने पर सारा माजरा समझ में आया। हमने सभी बैंक का काम ठीक कर दिया, बचत खाते के ज्यादा पैसों को फिक्स करा दिया फिर वापस आ गए।
हम ठंडा हो चुके थे और अपने स्वभाव के कारण फिर से घर पर रिश्ता ठीक कर लिया।
अब फिर से एकबार घर आना जाना शुरू हो गया, समय और मौकों पर हम शौक से अपने कार से गांव आ जाते, मां से जो लगाव था, और अब फिर से उनका तबियत खराब होने पर उन्हें शहर लाना होता था। सब कुछ भुला चुके थे और हम फिर से इस संबंध को एंजॉय करने लगे थे।
इसी तरह समय खुशी खुशी गुजरते गया और एक दिन ठंडा के मौसम में सुबह सुबह फोन आया की सबसे बड़ा भाई को स्ट्रोक हो गया है और आईसीयू में भर्ती है, हम सब तुरंत अपने बच्चों और मां को छोड़ ट्रेन पकड़ कानपुर के लिए रवाना हो गए। अब यहां रात दिन अस्पताल में बैठे समय और पैसा गुजर रहा था जब पच्चीस दिन बाद दसों लाख खर्चा कर अस्पताल वालों का जब मन भर गया तब जवाब दे दिया।हम उनका अंतिम वहीं कर अपने घर आगए।
मां पर कुछ विशेष फर्क नहीं पड़ा था, अगर कोई अपना आता था फॉर्मेलिटी में तभी वो रोती थीं।






Tuesday, 14 February 2023

A Suitable Groom। एक आदर्श वर

लड़का स्मार्ट है, अच्छा तरक्की किया है थोड़े से समय में ही। अब बस मेट्रो शहर में ही पोस्टिंग या नौकरी लेता है, और घूमने के लिए स्टार होटल में अपने छोटे परिवार को ले जाता है। अभी तक खुद भी विदेश में यूरोप तक जा चुका है। स्वभाव मे भी बहुत सौम्य है, आज तक गुस्सा करते देखा नही कभी इसे।
इसे नौजवान को तो देख कर लगता है बड़ा ही सुयोग्य वर होता। नौकरी भी फैशन डिज़ाइन का करता है, कोई इंजीनियर डॉक्टर नहीं है न ही कोई सरकारी नौकरी करता है, तब ऐसे स्वभाव और इतना अच्छा कमाई करने वाला लड़का तो किसी पढ़े लिखे मिडिल क्लास वाले के लिए तो सस्ते में अच्छा वाला बात होता।


Monday, 13 February 2023

Harmful Mobile । मोबाइल से नुकसान

भाई अभी अभी ये समाचार सुन कर होश उड़ गए की एक लड़की का अत्यधिक मोबाइल देखने से आंख की रोशनी ही चले गई

Wednesday, 8 February 2023

Today's class l आज का दुनिया

गजब है भाई आज का समय।
मैं जिस दुनिया से आया वहां समाज सिर्फ अपने काम में लगे रहते थे और काम के बाद अपने परिवार के बच्चों के पढ़ाई पर। 
हमारा अपब्रिंगिंग एक बड़े कंपनी के कॉलोनी में हुआ था और उस कॉलोनी में हमारा अलग की जगह होता था जहां सिर्फ ऑफिसर्स के मकान होते थे।