Friday, 16 December 2022

How control computer Screen Light I Computer Screen ka light kam jyada kaise karen





 कंप्यूटर स्क्रीन का महत्व

कंप्यूटर या लैपटॉप पर, सबसे पहली चीज जिसका हम सामना करते हैं, वह है उसकी स्क्रीन।


कंप्यूटर ऑपरेटर के लिए कंप्यूटर स्क्रीन पहली और सबसे महत्वपूर्ण चीज है।


हम जो कुछ भी करते हैं वह पहले स्क्रीन पर दिखाई देता है, उसी प्रकार जो भी आउटपुट परिणाम स्क्रीन पर दिखाई देता है.. इसलिए स्क्रीन (मॉनिटर) हमारे लिए पहली और आखिरी चीज है, हमें अपने कंप्यूटर मॉनीटर को हमेशा तैयार रखने की जरूरत है, और कार्यात्मक।


हालाँकि, अगर कंप्यूटर या लैपटॉप अच्छा है और अपडेटेड है तो इसका कोई फायदा नहीं है अगर स्क्रीन हमारे लिए उपलब्ध नहीं है।


कंप्यूटर मॉनिटर दृश्यता

कंप्यूटर स्क्रीन पर पहली चीज इसकी दृश्यता है।


हो सकता है स्क्रीन खराब होने के कारण काम न करे, ऐसी स्थिति में आपको कंप्यूटर मॉनीटर सर्विस प्रोफेशनल के पास जाना होगा और उसकी मरम्मत करानी होगी।


हम अक्सर परेशान हो जाते हैं जब किसी कारणवश स्क्रीन विजिबिलिटी कम हो जाती है या काली हो जाती है। अनजाने में हुई छोटी-छोटी गलतियों के लिए ऐसे मामले हो सकते हैं। ज्ञान की अज्ञानता में हम अक्सर छोटी-छोटी बातों से घबरा जाते हैं। स्क्रीन दृश्यता ऐसा ही एक मामला है। कंप्यूटर स्क्रीन का मद्धम या ऊपर उठना एक ऐसा ही मामला है।


हमारे द्वारा की गई किसी गलती के कारण कंप्यूटर की स्क्रीन अक्सर धीमी या ऊंची हो जाती है। ऐसी स्थिति में हमें घबराने की जरूरत नहीं है, हमें बस की-बोर्ड पर कार्यात्मक कुंजी Fn और ऊपर-नीचे तीर कुंजियों का उपयोग करना है।



प्रकार्य कुंजी


सफ़ेद पृष्ठभूमि पर अलग की गई तीर कुंजियाँ

पहले फ़ंक्शन कुंजी Fn और फिर तीर कुंजी दबाएं, स्क्रीन पर प्रकाश बढ़ाने के लिए तीर कुंजी को टैप करें या स्क्रीन पर प्रकाश को कम करने के लिए नीचे तीर कुंजी को टैप करें।


स्क्रीन-लाइट सारांश

अंत में मैं आपको बता दूं कि कंप्यूटर स्क्रीन की रोशनी कोई बड़ी समस्या नहीं है। प्रकाश हमेशा रहता है, और स्क्रीन और उस पर सब कुछ दिखाई देता है, बस एक छोटा सा प्रकाश अंतर दिखाई देता है जिसे आप स्क्रीन की रोशनी को अपनी आवश्यकता के अनुसार बनाए रख सकते हैं या समायोजित कर सकते हैं और जो बहुत अधिक नहीं है।

Thursday, 8 December 2022

YouTube or Blogging which is better। YouTube ya Blogging achha hai। यूट्यूब या ब्लॉगिंग,कौनसा बेहतर

इंटरनेट से कमाने का बहुत उपाय हो गया है, इसमें यूट्यूब और ब्लॉगिंग पर सर्वाधिक लोग लगे हैं। इससे ज्यादा लोग कोशिश करते हैं पैसा कमाने के लिए।
अब बात आता है की कौन सा माध्यम बेहतर है कमाने के लिए,यूट्यूब या ब्लॉगिंग।
सबसे पहले तो हमे वही करना चाहिए जो हमे पसंद है। अगर हम अपने पसंद वाला काम करते हैं तो सफलता की गुंजाइश ज्यादा रहता है। तब हमे यह नहीं देखना चाहिए की कौनसा चुनू पर अपने पसंद वाले काम ही करना चाहिए, और तरक्की भी ज्यादा हम अपने पसंद वाले काम करने से ही पाएंगें। 
आज के दिन में अगर कोई अपना काम लग्न से करता है तो तरक्की और सफलता निश्चित है, और आज हर लाइन में पैसा और प्रसद्धि है बस आपको निरंतर मेहनत करना है। 
निरंतर से सफलता आती है और सफलता से पैसा और प्रसद्धि। और इन सब के बाद आपको खुशी प्राप्त होती है।
अगर बात ये है की हम कौन सा काम चुने तो स्पष्ट है की हम अपने पसंद पर ही चलें। तो फिर कोई दुविधा का बात ही नही उठता है चुनने का। 
लेकिन कभी समय बदलता है तो परिस्थिति भी बदल जाता है।मतलब सिर्फ हमारी परिस्थिति ही नही आर्थिक व्यवस्था भी बदल जाता है। जैसे लड़के लोग इंजीनियर बनते हैं तो जब आजादी का समय था उस वक्त बहुत कंस्ट्रक्शन वाले काम हो रहे थे देश में तब लड़कों का प्राथिमिकता सिविल इंजीनियर की होती थी, इसके बाद मैकेनिकल इत्यादि का युग आया और सिविल इंजीनियर की तो शादी होना ही बंद हो गया क्योंकि इनको कोई नौकरी ही नही मिल रही थी। और अब वर्तमान में आई टी वालों का बोल बाला है, सबसे ज्यादा डिमांड देश ही नहीं विदेशों में भी इनका बहुत पूछ है। तो कहने का ये तात्पर्त्य है की सिर्फ हम अपने पसंद और इच्छा से ही नही चल सकते हैं परंतु समय के हिसाब से चलना होगा, मतलब अगर समय बदलता है तो हमें अपने इच्छा को दबाकर जो वक्त का डिमांड है उसीके अनुसार हमे चलना होगा। यहां पर इतना कुछ कहने का तात्पर्य है कि अगर हमे कुछ विकल्प मिले तो हमको अपनी पसंद के साथ साथ ये भी देखना है की जल्दी या ज्यादा इनकम किसमे होने वाला है।
अब रहा सवाल यूट्यूब और ब्लॉगिंग का,तो पहले तो हमें देखना है कि हम किसमे ज्यादा कंफर्टेबल हैं, मतलब हम कौन सा काम आसानी से कर पाएंगें और कौनसा काम हमारे छमता के अंदर है। अगर दोनो विकल्प हमारे लिए सामान्य है तो फिर हमें देखना है अपने विकल्पों की स्तिथि पर, मतलब अभी की समय और परिस्थिति में कौन सा काम करना बेहतर होगा। यूट्यूब और ब्लॉगिंग में भी हमें यही सब देखना है।
और लोगों का तो पता नहीं पर मैंने तो देखा है की अगर आप यूट्यूब चलाना चाहते हैं तो आपको बहुत मेहनत करना होगा और समय भी बहुत देना होगा अपने को सफल बनाने में । यूट्यूब का दृश्य ऐसा है की सबसे पहले आपको 1000 सब्सक्राइबर चाहिए तभी आपको पैसे आयेंगे, उसमें भी आपको 4000 घंटे का व्यू होना चाहिए आपके पूर्व में बनाए सभी वीडियो का। अब इतना सब करना आसान नहीं है। अगर आप सामान्य वीडियो बना रहे हैं तो सामान्य रिस्पॉन्स ही मिलेगा, मतलब सालों लग जायेगा यूट्यूब के सभी कंडीशन को पूरा करने में। अगर आप यूट्यूब से आगे बड़ना चाहते हैं तो किसीभी अन्य काम की तरह यहां भी आपको एक्सपर्ट बनना होगा, मतलब आपको अपने विषय की पूरी जानकारी होनी चाहिए क्योंकि यूट्यूब पर एक से एक खिलाड़ी हैं। यूट्यूब या कोई भी काम आज विशेषज्ञों का ही है, सामान्य लोग एक्सपर्ट बनने के बाद ही कोई सफलता प्राप्त कर सकेंगे। आप जो वीडियो देखते हैं मोबाइल वो सब किसी विशेष और सफल लोगों का ही होता है। 
दूसरा जरूरी है आपको सफलता तभी मिलेगा जब आप किसी एक विषय पर वीडियो बनायेगें।जैसे किसी खास विषय या व्यवसाय होना चाहिए। यूट्यूब पर विषय अनंत है किसी एक को चुनें और अपने काम पर आगे बढ़ें, देखने वालों की कोई कमी नहीं होगा, नए और पुराने सब्सक्राइबर बनेंगे और बार बार आपके चैनल पर आ कर आपके वीडियो को देखेंगे। जिससे आपकी यूट्यूब चल पड़ेगी। 
यूट्यूब पर तेजी से सफलता कॉमेडी और समाचार जैसे विषयों पर मिलती है।फिर आपके सब्सक्राइबर अध्ययन वाले विषयों से मिलेगी। इसी तरह बहुत सारे लेकिन खास विषयों के प्रस्तुत करतो को ही लगातार सब्सक्राइबर और व्यूअर मिलेंगे।
क्योंकि सफलता बहुत धीमे होती है इसीलिए आप इस नए काम को पहले पार्ट टाइम स्तर पर करें और जब रफ्तार पकड़ ले तब आप पूरी तरह से इसमें लगें क्योंकि आपके खर्च और आमदनी शुरू में इस से नहीं आयेगी।
अब रहा बात ब्लॉगिंग की। तो ब्लॉगिंग क्या है, ये नया शब्द इंटरनेट की दुनिया में इस्तेमाल होता है, साधारण शब्दों में ये और कुछ नहीं पर आपका लेख होता है। आप जो गूगल पर देखते हैं वो सब किसी का लिखा हुआ और इंटरनेट पर डाला कंटेंट/लेख या वीडियो या फोटो इत्यादि होता है जिससे ब्लॉग कहते हैं और इस प्रक्रिया को ब्लॉगिंग कहते हैं।
ब्लॉगिंग केलिए आपका एक इंटरनेट पन्ना होना चाहिए जिस पर आप लिख सकें, इस पन्ने को नेट की भाषा में वेबसाइट बोलते हैं और ये पन्ना आपार नेट की दुनिया में भुला नहीं जाए इसीलिए इसको एक नाम दिया जाता है और ये नाम आपको चुनना होता है लेकिन ये नाम अकेला होना चाहिए नेट में एक हीं नाम दूसरे बार किसी और को नहीं दिया जाता है,इस नाम को आपको किसी नेट वाले के यहां रजिस्टर करना पड़ेगा जो आपको अपने यहां रहने का जगह देगा जिसके लिए आपको हर वर्ष पैसा देना होगा।इस नाम की आगे आपको एक और पहचान पता मिलेगा जिसका नाम . com या.इन या 
.org इत्यादि इत्यादि होते हैं। आपका चुना हुआ नाम और बाद में जोड़ा .com वैगेरह को डोमेन कहते हैं। डोमेन के आगे आपको www. लगाना होगा और तब जा के आपके पन्ने या किताब का नामकरण पूरा होगा जो इस तरह लिखा होगा www.apkanam.com होगा, और इस पते को आप कहीं भी या कोई भी खोल कर देख सकता है।
लेख की तुलना में ब्लॉगिंग की ये खासियत है की आपका लेख तुरंत सारी दुनिया में फैल जाएगा और आपको तुरंत प्रसिद्धि मिलजाएगी लेकिन इसके लिए आपका लेख या कंटेंट भी दमदार और दूसरों से अलग और खास होना चाहिए तभी दर्शक आपको मिलेगें नही तो आपका समान इंटरनेट की दुनिया में कहीं पड़े रहेगी। लेकिन तब आप बाद में पुनः आकर अपने ब्लॉग को सुधार कर सकते हैं और उसमे और डाटा जोड़ सकते हैं।ब्लॉगिंग में सुधार निरंतर हो सकता है, जब तक आप चाहेंगें। 
जब आपका वेबसाइट चल निकलेगा तब आप गूगल के एडसेंस को जोड़कर उसमे विज्ञापन डलवा सकते हैं और फिर आपको अपने लेखन से आमदनी आने लगेगी। हां लेकिन यहां भी आपको पैसा तभी मिलेगा जब आप की कमाई 100डॉलर होगी, और जन लीजिए विज्ञापनों पर क्लिक करने से जो पैसे आते हैं वह  बहुत छोटे अमाउंट में होता है, 5-10  सेंट्स में।

हां एक बात और जोड़ना चाहूंगा पैसे की, आपके डोमेन को आप गूगल से भी ले सकते हैं और यहां पर आपको कोई पैसा नहीं लगेगा,परंतु आपके डोमेन में उनका नाम blogspot आपके नाम के बाद जोड़ना होगा, तब आपका पूरा वेबसाइट नाम इस तरह होगा,www.apkanam.blogspot.com।

तो अब अपने खास मुद्दे पर आते हैं,यूट्यूब और ब्लॉगिंग में कौन बेहतर है। तो हमने ऊपर में दोनो का विस्तृत वर्णन देने की कोशिश किए हैं इसे आप खुद समझ लें और देखें आपके लिए कौनसा अच्छा रहेगा और फिर आगे बढ़ें।
अगर आप मेरी राय लेना  चाहते हैं तो हम आपको यही बोलेंगे एकबार फिर से की ये काम आप पार्टटाइम रूप में करें। लेखिनी का काम ज्यादा समय और लोड वाला होता है, तो इसके लिए आपको ज्यादा खाली वक्त में ही कर सकेगें,मगर यूट्यूब तो कुछ नही है मोबाइल उठाएं और कुछ मिनटों का रिकॉर्डिंग कर लीजिएगा।

Friday, 2 December 2022

What is ICEGATE I ICEGATE kya hai




 ICEGATE का मतलब भारतीय सीमा शुल्क इलेक्ट्रॉनिक गेटवे है। यह एक पोर्टल है जो व्यापार और कार्गो वाहक, और सीमा शुल्क विभाग के अन्य ग्राहकों (सामूहिक रूप से ट्रेडिंग पार्टनर कहा जाता है) को ई-फाइलिंग सेवाएं (सरकार के सीबीआईसी विभाग द्वारा) प्रदान करता है।



सुविधाएँ


ICEGATE, जैसा कि ऊपर कहा गया है, ई-फाइलिंग के लिए एक सुविधा प्रदान करता है।

2. ICEGATE अपने व्यापारिक भागीदारों (लगभग 7 लाख नंबर) के लिए 24X7 हेल्पडेस्क जैसी अन्य सेवाएं भी प्रदान करता है।


सीमा शुल्क, RBI, DGFT, आदि सरकारी कार्यालयों के बीच उनके उद्देश्यों के लिए डेटा का आदान-प्रदान किया जाता है।


अन्य सुविधाएं शामिल हैं


केंद्रीय उत्पाद शुल्क/सीमा शुल्क और सेवा कर का ई-भुगतान,

आईपीआर के लिए ऑनलाइन पंजीकरण,

सीमा शुल्क ईडीआई पर दस्तावेज़ ट्रैकिंग स्थिति,

डीईपीबी/डीईएस/ईपीसीजी लाइसेंसों का ऑनलाइन सत्यापन,

आईई कोड स्थिति,

पैन-आधारित CHA डेटा,

आईजीएसटी रिफंड स्थिति और

एक्ज़िम व्यापार से संबंधित विभिन्न अन्य महत्वपूर्ण वेबसाइटों/जानकारी के लिंक।

ICEGATE पर पंजीकरण क्यों करें

पंजीकरण निर्यात और आयात उद्देश्यों के लिए किया जाता है।


बिल ऑफ एंट्री (आयात) दाखिल करने के लिए


शिपिंग बिल फाइल करने के लिए (निर्यात के लिए)


और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज ऑनलाइन।


आइसगेट में पंजीकरण कैसे करें

ICEGATE के लिए पंजीकरण ICEGATE पोर्टल पर किया जाता है।


और सभी आवश्यकताओं और निर्देशों का पालन कर रहे हैं।


आइसगेट के लाभ

व्यापारी अपने लाभ के लिए ICEGATE का उपयोग कर सकते हैं।


वे अपने माल को ट्रैक करते हैं।


व्यापारी अपने दस्तावेजों की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं।


घोषणाओं की ई-फाइलिंग।


ICEGATE के साथ संचार

सभी निर्यातक / आयातक, कस्टम हाउस एजेंट / एयरलाइंस / शिपिंग एजेंट, और व्यापार के सदस्य इस सुविधा का उपयोग ICEGATE पर दस्तावेज़ दाखिल करने के लिए करते हैं।


हेल्पडेस्क को ICEGATE द्वारा 24 X 7 आधार पर उपलब्ध कराया गया है।

प्रश्न उठाए जा सकते हैं और शीघ्र उत्तर प्राप्त होते हैं।

उपयोगकर्ता किसी भी कठिनाई के मामले में निम्नलिखित टोल-फ्री नंबर या ई-मेल पते पर हमसे संपर्क कर सकते हैं।

टोल-फ्री नंबर: 1800-3010-1000

ई-मेल आईडी: Icegatehelpdesk@icegate.gov.in

बिल ऑफ एंट्री क्या है

बिल ऑफ एंट्री माल के आयात के लिए व्यापारी / आयातक या क्लियरिंग हाउस एजेंट (CHA) द्वारा दायर किया गया एक दस्तावेज है। यह बिल ICEGATE का उपयोग करके फाइल किया जाता है ताकि आयातक आयातित माल पर ITC का दावा कर सके।


बिल ऑफ एंट्री में सीमा शुल्क और बिल के कुल विवरण का उल्लेख किया गया है। जैसे IGST, पोर्ट कोड, भुगतान का तरीका, माल का मूल्य, पता और आयातक का नाम, GSTIN, PAN नंबर, IEC कोड, आदि।


ICEGATE शिपिंग बिल

शिपिंग बिल निर्यातक या उसके सीएचए (समाशोधन एजेंट) द्वारा दायर किया जाता है। एक शिपिंग बिल दूसरे देशों को निर्यात किए गए माल के विवरण के लिए दायर किया जाता है। निर्यातक के लिए यह अनिवार्य है कि वह ICEGATE पर फाइल करके सीमा शुल्क विभाग को सभी निर्यात विवरण प्रस्तुत करे।


शिपिंग बिल में शामिल हैं:


निर्यात किए गए माल का विवरण।

वस्तुओं के मूल्य।

विक्रेता का नाम।

खरीदार का नाम।

निर्यातक द्वारा भुगतान किए गए कर विवरण।

ICEGATE के माध्यम से निर्यात के लिए अपने माल की निकासी स्थिति को देखा जा सकता है। इस स्थिति को ICEGATE पोर्टल पर जाकर चेक किया जा सकता है।

Sunday, 27 November 2022

How to generate in Tally Prime I Tally Prime se E-way Bill kaise generate karein । ई वे बिल टैली प्राेंप्राईम में कैसे तैयार करें

 E Way  बिल क्या है?

ई-वे बिल एक ऐसा दस्तावेज है जिसमें माल और उनकी आवाजाही के बारे में पूरी जानकारी होती है।


इलेक्ट्रॉनिक वे बिल के लिए एक ई-वे बिल छोटा है।


ई-वे बिल की क्या आवश्यकता है?

सरकार के किसी भी अन्य नियम की तरह, यह भी अपने नागरिक को नियंत्रित करने और व्यापारी वर्ग से अधिक राजस्व (धन) उत्पन्न करने के लिए पेश किया जाता है। वास्तव में सरकार के नियम भारतीय व्यापारी वर्ग के लिए अधिक उत्पीड़न और जबरन वसूली हैं। जितना अधिक सरकार शासन करती है उतना ही अधिक लोग उसके एजेंटों (तथाकथित सरकारी सेवक, वास्तव में स्वामी) द्वारा उत्पीड़ित होते हैं। तो अंत में हम देखते हैं कि सरकार कुछ नेताओं, सरकारी कर्मचारियों और उनके चुने हुए ठेकेदारों के लिए है, अलग-अलग भेष में)। जनता को मेहनत करनी पड़ती है और कारोबार को (भीतर) उबालना पड़ता है। व्यवसायी वर्ग के पास एक बार इस व्यापार में शामिल होने के बाद कोई विकल्प नहीं है, यह ठीक उसी तरह है जैसे एक अपराधी जो एक बार एक गिरोह में शामिल हो जाता है, वह वापस नहीं जा सकता है और अपराध करता है और आखिरी गोली मरने की प्रतीक्षा करता है।


यह बहुत सच है कि भारत में व्यवसायी वर्ग जो उत्पाद बनाता है, जो रोजगार पैदा करता है, और जो देश के लिए राजस्व पैदा करता है, सरकार द्वारा अपने एजेंटों के माध्यम से परेशान किया जाता है और अपराधियों द्वारा लक्षित होता है, जिनमें से सभी पैसे और अधिक पैसे वाले होते हैं।


अब ई वे बिल की तकनीकी पर आ रहे हैं, जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है कि यह आपके पूर्ण बायोडाटा और ई-वे बिल नंबर के साथ एक दस्तावेज है और आपके उत्पादों को कहीं भी ले जाने की आवश्यकता है।


यह बिल राशि की वैधानिक सीमा से ऊपर राज्यों या राज्य के भीतर माल के परिवहन के लिए विवरण अपलोड करने का एक माध्यम है और यह अनिवार्य है।


ई-वे बिल की जरूरत किसे है?

जीएसटी के एक पंजीकृत डीलर को ई-वे बिल तैयार करने की आवश्यकता है।


GST पंजीकृत पार्टियों के लिए ई-वे बिल अनिवार्य है जो एक राज्य से दूसरे राज्य में 50,000.00 रुपये से अधिक के माल की आपूर्ति करना चाहते हैं और / या उन पार्टियों के लिए जो अपने राज्य के भीतर 1 लाख बिल राशि से ऊपर के माल का परिवहन करेंगे।


50,000.00 रुपये से कम राशि के लिए भी ई-वे बिल अनिवार्य है जब जॉब वर्क या हस्तशिल्प सामान शामिल हो।


पंजीकृत व्यक्ति भी 50,000.00 रुपये से कम राशि के लिए ई-वे बिल ले जा सकते हैं।


दूसरे देशों को माल निर्यात करने के लिए भी ई-वे की आवश्यकता होती है।


टैली में ई-वे बिल कैसे तैयार करें

आप टैली में बहुत अच्छी तरह से ई-वे बिल तैयार कर सकते हैं।


स्क्रीन पर पहले टैली को खोलें और लॉन्च करें, जैसा कि दिखाया गया है,



इसके बाद सेलेक्ट कंपनी के विकल्प पर क्लिक कर अपनी कंपनी का चयन करें।


कंपनी खोलने के बाद गेटवे ऑफ टैली पर डिस्प्ले बटन पर क्लिक करें।



डिस्प्ले पर क्लिक करने पर एक नई विंडो प्रदर्शित होती है:




अब वैधानिक रिपोर्ट विकल्प पर क्लिक करें।


यह एक नया विंडो खोलेगा:



अब जीएसटी बटन पर क्लिक करें। इसे क्लिक करने पर आप एक नए पेज पर पहुंच जाएंगे जहां आप ई-वे बिल विकल्प देख सकते हैं।



ई वे बिल बटन का चयन तीन विकल्पों के साथ एक विशेष ई-वे बिल बॉक्स खोलेगा।



अब आगे बढ़ने से पहले ई-वे पोर्टल पर जाएं और वहां अपना पंजीकरण कराएं।


ई-वे पोर्टल

ई-वे पोर्टल पर जाने के लिए या तो अपने GST पोर्टल लॉगिन का उपयोग करें या सीधे ई-वे बिल पोर्टल पर क्लिक करके ई-वे पोर्टल खोलें।


ई-वे बिल पोर्टल पर रजिस्टर करें

ई-वे बिल पोर्टल पर क्लिक करें।


इस पृष्ठ पर पंजीकरण का चयन करें और ड्रॉप-डाउन मेनू से ई-वे बिल पंजीकरण विकल्प का चयन करें।



एक नया पेज खुलेगा जहां आपको जीएसटीआईएन कोड दर्ज करना होगा, जैसा कि नीचे दिखाया गया है:


फिर दिए गए Captcha को भरें और फिर GO बटन पर क्लिक करें।



जो फॉर्म खुलेगा उसमें सभी व्यवसाय विवरण भरें।


यहां से यूजरनेम और पासवर्ड क्रिएट करें, जिसे आगे ई-वे बिल लॉगइन के लिए इस्तेमाल करना है।


एपीआई यूजर प्रोफाइल बनाएं

ई-वे बिल पर, पोर्टल दाईं ओर रखे गए लॉगिन पर क्लिक करें।


पोर्टल खोलने के लिए अपना यूजरनेम और पासवर्ड भरें।



लॉग इन करने के बाद ई-वे बिल पोर्टल खुल जाएगा।



यहां राइट साइड में रजिस्ट्रेशन के ड्रॉप-डाउन एरो पर क्लिक करें और For GSP ऑप्शन पर क्लिक करें।



उपरोक्त को अपने मेल पते और मोबाइल नंबर के साथ भरें।


इसके बाद सेंड ओटीपी पर क्लिक करें



अपने मोबाइल से या अपने मेल से OTP को स्पेस में दर्ज करके सत्यापित करें।


ऐसा करने से एक नई विंडो खुलेगी



यहां ऐड/नया विकल्प चुनें और फिर जीएसपी पर क्लिक करें, एक सूची खुलेगी जिसमें से नीचे स्क्रॉल करें और टैली (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड पर क्लिक करें।


अपना उपयोगकर्ता नाम और पासवर्ड दर्ज करें और विवरण को बचाने के लिए जोड़ें पर क्लिक करें।


अंत में, सफल होने पर निम्नलिखित उत्तर दिखाया गया है।



अब आपका ई-वे प्रोफाइल अलग होगा। जीएसपी बदलकर टैली (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड हो जाएगा।


टैली ERP9 में ई-वे बिल को सक्षम करना

टैली में ई-वे बिल का उपयोग करने के लिए आपको अपनी कंपनी की सुविधाओं में ई-वे बिल सुविधा को सक्षम करना होगा।


टैली में F11 दबाएं


टैली नए विकल्प खोलेगा। यहां स्टैचुरी एंड टैक्सेशन को सेलेक्ट करें।



वैधानिक और कराधान का चयन करने पर इसके बारे में एक नई विंडो खुलती है



ईवे बिल में बदलाव

ई वे बिल क्यों


ई वे बिल कैसे जनरेट करें


लॉगइन के बाद जीएसटी पोर्टल पर ई वे बिल जनरेट किया जा सकता है।


ई वे बिल की वैधता


ई वे बिल माल द्वारा तय की गई दूरी के आधार पर अवधि के लिए वैध है। वैधता की गणना ई वे बिल के निर्माण की तिथि और समय से की जाती है।


छोटे आयामी कार्गो के लिए —–100 किलोमीटर ——–1 दिन।


प्रत्येक अतिरिक्त के लिए ——-100 किमी——- 1 दिन अतिरिक्त।


बड़े आयामी कार के लिए

E-Way Bill I E-way Bill kaise banta hai । ई वे बिल कैसे बनाएं

 आप टैली ईआरपी में अपना ई-वे बिल विवरण काम कर सकते हैं। ऐसा करने के लिए आपको टैली में कुछ निर्देशों का पालन करना होगा।


सबसे पहले टैली और अपनी कंपनी को ओपन करें।


इसके बाद दाईं ओर नीचे दिए गए F11 को सेलेक्ट करें। क्लिक करने पर आपके सामने एक नई विंडो आती है।



यहां वैधानिक और कराधान पर क्लिक करें या वैधानिक विवरण के लिए सीधे F3 का चयन करें।


एक और विंडो खुलती है:



वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को हां में सक्षम करें


GST विवरण को एक बार फिर हां में सेट/बदलें। अन्य विकल्प खुले क्लिक करने पर,



आपको ई-वे बिल सहित सभी जीएसटी विवरणों को हां में भरना होगा।


ई-वे बिल का उपयोग करने के लिए अंतरराज्यीय और अंतरराज्यीय लेनदेन के लिए सभी सीमा सीमाएं सक्षम करें।


टैली चालान में ई-वे विवरण दर्ज करना

चालान तैयार करते समय जब आपका कुल चालान विवरण सीमा सीमा से अधिक हो जाता है तो टैली स्वचालित रूप से आपसे ई-वे विवरण भरने के लिए कहेगा। इस तरह, नीचे:



जब आप Yes पर क्लिक करेंगे तो एक नया बॉक्स खुलेगा:

aap tailee eeaarapee mein apana ee-ve bil vivaran kaam kar sakate hain. aisa karane ke lie aapako tailee mein kuchh nirdeshon ka paalan karana hoga.


sabase pahale tailee aur apanee kampanee ko opan karen.


isake baad daeen or neeche die gae f11 ko selekt karen. klik karane par aapake saamane ek naee vindo aatee hai.



yahaan vaidhaanik aur karaadhaan par klik karen ya vaidhaanik vivaran ke lie seedhe f3 ka chayan karen.


ek aur vindo khulatee hai:



vastu evan seva kar (jeeesatee) ko haan mein saksham karen


gst vivaran ko ek baar phir haan mein set/badalen. any vikalp khule klik karane par,



aapako ee-ve bil sahit sabhee jeeesatee vivaranon ko haan mein bharana hoga.


ee-ve bil ka upayog karane ke lie antararaajyeey aur antararaajyeey lenaden ke lie sabhee seema seemaen saksham karen.


tailee chaalaan mein ee-ve vivaran darj karana

chaalaan taiyaar karate samay jab aapaka kul chaalaan vivaran seema seema se adhik ho jaata hai to tailee svachaalit roop se aapase ee-ve vivaran bharane ke lie kahega. is tarah, neeche:



jab aap yais par klik karenge to ek naya boks khulega:

Tuesday, 22 November 2022

Filing under LUT I LUT mei kaise file karen I LUT कैसे फाइल करें

LUT क्या है एलयूटी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग के लिए छोटा है, जो आईजीएसटी के भुगतान के बिना निर्यात के लिए दायर एक दस्तावेज है।
 LUT निर्यात सरकार द्वारा बिना किसी परेशानी के भुगतान को शामिल किए निर्यात को बढ़ावा देने के लिए पेश किया गया था। 
 बॉन्ड या एलयूटी के तहत वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात किया जा सकता है। पहले निर्यात करों का भुगतान करके किया जाता था जिसे बाद में रिटर्न दाखिल करके दावा किया जा सकता था, लेकिन रिफंड की समस्या बिना किसी कर का भुगतान किए निर्यात की एक नई प्रक्रिया में विकसित हुई। 
 निर्यात के प्रकार तो अब तक, आप जान सकते हैं कि निर्यात के लिए अलग-अलग प्रक्रियाएँ हैं। 
 करों का भुगतान करके निर्यात करें, जो कि वर्तमान जीएसटी प्रणाली में आईजीएसटी है।
 एलयूटी या बॉन्ड के तहत निर्यात करें। 
एसईजेड क्षेत्रों में निर्यात करें। 
एलयूटी के तहत निर्यात के लाभ हमारे पास IGST, बॉन्ड या LUT के तहत निर्यात करने का विकल्प है। 
 विभिन्न प्रावधानों के तहत निर्यात के अलग-अलग प्रभाव होते हैं। पहले IGST के तहत फाइलिंग में IGST करों का भुगतान करके धनराशि को लॉक करना शामिल था, जिसकी वापसी एक बहुत ही बोझिल और लंबी प्रक्रिया थी। एलयूटी के तहत निर्यात करते समय आईजीएसटी के भुगतान की इन सभी परेशानियों को दूर रखने में मदद मिलती है क्योंकि इसके तहत किसी भुगतान की आवश्यकता नहीं होती है। 
 LUT निर्यात की सीमा एलयूटी के तहत दाखिल करने की कुछ सीमाएँ हैं। 
 एलयूटी फाइलिंग निकालने के बाद आपको अनिवार्य रूप से निर्यात करना होगा। यदि एलयूटी के तहत एक निश्चित समय सीमा के भीतर निर्यात नहीं किया जाता है जो चालान की तारीख से तीन महीने है, तो आपको आईजीएसटी और उस पर 18 प्रतिशत का ब्याज देना होगा। 
 तीसरा, गैर आईजीएसटी भुगतान वाले 2.5 करोड़ रुपये से अधिक के डिफॉल्टर एलयूटी की सुविधा ले सकते हैं। एलयूटी सुविधा के लिए पात्रता सबसे पहले निर्यात करने वाले व्यक्ति के पास अपनी फर्म का जीएसटी रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है। दूसरे, जीएसटी-पंजीकृत फर्म को आईजीएसटी भुगतान में 2.5 करोड़ रुपये से अधिक के किसी भी डिफ़ॉल्ट में शामिल नहीं होना चाहिए। 
 LUT कब ​​फाइल करें निर्यात प्रक्रिया पूरी होने से पहले LUT को फाइल या जमा करना होता है।
 जीएसटी में एलयूटी प्राप्त करने/दर्ज करने की प्रक्रिया इससे पहले, निर्यातकों को मैन्युअल रूप से RFD-11 भरकर LUT फाइल करना पड़ता था और फिर इसे अपने संबंधित विभागों को अपने लेटरहेड पर दो हार्ड कॉपी के साथ जमा करना होता था। एक प्रति कर कार्यालय को और दूसरी सीमा शुल्क कार्यालय को सत्यापन के लिए प्रस्तुत की गई थी। 
 नोट: लेकिन बॉन्ड को अभी भी गैर-न्यायिक स्टांप पेपर पर मैन्युअल रूप से जमा करना होगा। 

 LUT खरीदने के लिए GST पोर्टल पर gst.gov.in पर क्लिक करके फाइल करना होगा। 
 2. अब ऊपर दायीं ओर क्लिक करके लॉग इन करें। 
 3. लॉगइन पर क्लिक करने से पोर्टल खुल जाता है जहां आप अपना यूजरनेम, पासवर्ड और कैप्चा दर्ज करते हैं जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। 
 4. अब पेज पर सर्विसेज टैब पर क्लिक करें और फिर नीचे दिखाए अनुसार फर्निश लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलयूटी) कमांड पर क्लिक करें। 
 5. LUT विकल्प पर क्लिक करने पर एक नया बॉक्स खुलेगा, यह फॉर्म GST RFD-11 है, जिसे LUT प्राप्त करने के लिए भरना आवश्यक है। भारत के राष्ट्रपति को संबोधित एलयूटी का फॉर्म भरें। तीन की संख्या में डिक्लेरेशन चेकबॉक्स पर क्लिक करें। अब GST RFD-11 के नीचे फॉर्म में दो स्वतंत्र गवाहों का नाम, पता और व्यवसाय दर्ज करें। 
 अंत में, वह स्थान भरें जहाँ से आप दाखिल कर रहे हैं या वह स्थान जहाँ आपका व्यवसाय स्थित है।
 प्राथमिक/अन्य प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता स्थान के नाम पर ड्रॉप-डाउन तीर पर क्लिक करें, तथा अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के विकल्प का चयन करें, जो बॉक्स में क्लिक करने पर खुलता है। जगह में, फ़ील्ड उस जगह को दर्ज करें जहां से इसे दर्ज किया गया है।
 सेव करने के लिए सेव बटन पर क्लिक करें और बाद में पढ़ने के दौरान विवरण पर जाएं। आप सहेजे गए संदेश को बाद में सेवाओं> उपयोगकर्ता सेवाओं> मेरे सहेजे गए एप्लिकेशन से पुनर्प्राप्त कर सकते हैं। एप्लिकेशन सफलतापूर्वक सहेजे जाने के बाद एक पुष्टिकरण संदेश प्रदर्शित होता है। प्रपत्र का पूर्वावलोकन करने के लिए पूर्वावलोकन बटन पर क्लिक करें। 
 अंत में, SIGN AND FILE with DSC या SIGN AND FILE with EVC बटन पर क्लिक करें। ओटीपी दर्ज करने और जमा करने के बाद ईवीसी पर हस्ताक्षर किए जाते हैं।
 ईवीसी जमा करने के बाद स्क्रीन पर ARN नंबर के साथ एक पावती प्राप्त होती है, जिसे भविष्य के संदर्भ के लिए डाउनलोड किया जा सकता है। 
 एलयूटी में जीएसटी विभाग एलयूटी विवरण के बाद, संबंधित विभाग 2 से 3 दिनों के भीतर एक हस्ताक्षरित पत्र के साथ पावती जारी करता है।

Sunday, 20 November 2022

Tyre se durghatna I Tyre and accident l Tyre blast l टायर ब्लास्ट

 


सुरक्षित ड्राइविंग का मतलब केवल वाहन को नियंत्रण में चलाना नहीं है क्योंकि ऐसी कई चीजें हैं जो नियंत्रण से बाहर हो सकती हैं। मेरे साथ ऐसा ही हुआ जब हम अपनी मां से मिलने जा रहे थे और मेरे किशोर बच्चे दिवाली के त्योहार पर आए थे। रास्ते में जब हम आधी दूरी तय कर चुके थे तो अचानक कार के पीछे से एक बड़े शोर ने मुझे 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहे वाहन को रोकने पर मजबूर कर दिया, जो खाली राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए ज्यादा नहीं था।

जैसे ही मैंने अपना दरवाजा खोला और पीछे गया तो देखा कि टायर पंक्चर हो गया है। फिर मैंने धीरे-धीरे वाहन को बायीं ओर साइड में चलाया। फिर मैंने एक टायर मरम्मत करने वाले से पंचर ठीक करने को कहा, जिसने मुझे अपने सामने गाड़ी लाने को कहा। जब मैंने उसे टायर के फ्लैट होने के बारे में बताया तब भी वह नहीं हिला। फिर मैं वापस गया और अपने जवान बेटे को जैक का इस्तेमाल करने और कार से टायर निकालने के लिए कहा।


जैसे ही हमने टायर को उठाया और हटाया, हमने पाया कि टायर फट गया था और अलग हो गया था। यह हम सभी के लिए बाल-बाल बच निकलने जैसा था।


फिर हम स्टेपनी टायर पीछे लगा कर आगे बढ़े।


इसी तरह की एक दुर्घटना उसी सड़क पर हुई थी जब एक महिला सीडीपीओ, एक सरकारी उच्च अधिकारी, बिहारशरीफ से पटना में अपनी ड्यूटी में शामिल होने के लिए जा रही थी, जब उसकी स्कॉर्पियो, बहुत तेज गति से चल रही थी, आगे का टायर फट गया और चालक ने नियंत्रण खो दिया। या यूँ कहें कि वाहन ने अपना नियंत्रण खो दिया और गिर गया जिससे महिला अधिकारी और चालक की जान चली गई।


इसलिए, यह घटना हमें सिखाती है कि हमें अपने कौशल और मशीन के बारे में अति-आत्मविश्वासी नहीं होना चाहिए। धीमी गति से चलना और लगातार अपनी मंजिल तक पहुंचना बेहतर है।


यहां एक और सबक सीखा जा सकता है कि टायर न केवल धीरे-धीरे मरने के लिए पंचर विकसित करते हैं बल्कि बिना किसी सूचना के अचानक फट भी जाते हैं। इसलिए सावधान रहें।


साथ ही फ्रंट में हमेशा बेहतर टायर्स का इस्तेमाल करें।


https://youtu.be/ft__3aQFL68


उपरोक्त लिंक खोलकर आप स्वयं देख सकते हैं।