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Tuesday, 22 November 2022

Filing under LUT I LUT mei kaise file karen I LUT कैसे फाइल करें

LUT क्या है एलयूटी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग के लिए छोटा है, जो आईजीएसटी के भुगतान के बिना निर्यात के लिए दायर एक दस्तावेज है।
 LUT निर्यात सरकार द्वारा बिना किसी परेशानी के भुगतान को शामिल किए निर्यात को बढ़ावा देने के लिए पेश किया गया था। 
 बॉन्ड या एलयूटी के तहत वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात किया जा सकता है। पहले निर्यात करों का भुगतान करके किया जाता था जिसे बाद में रिटर्न दाखिल करके दावा किया जा सकता था, लेकिन रिफंड की समस्या बिना किसी कर का भुगतान किए निर्यात की एक नई प्रक्रिया में विकसित हुई। 
 निर्यात के प्रकार तो अब तक, आप जान सकते हैं कि निर्यात के लिए अलग-अलग प्रक्रियाएँ हैं। 
 करों का भुगतान करके निर्यात करें, जो कि वर्तमान जीएसटी प्रणाली में आईजीएसटी है।
 एलयूटी या बॉन्ड के तहत निर्यात करें। 
एसईजेड क्षेत्रों में निर्यात करें। 
एलयूटी के तहत निर्यात के लाभ हमारे पास IGST, बॉन्ड या LUT के तहत निर्यात करने का विकल्प है। 
 विभिन्न प्रावधानों के तहत निर्यात के अलग-अलग प्रभाव होते हैं। पहले IGST के तहत फाइलिंग में IGST करों का भुगतान करके धनराशि को लॉक करना शामिल था, जिसकी वापसी एक बहुत ही बोझिल और लंबी प्रक्रिया थी। एलयूटी के तहत निर्यात करते समय आईजीएसटी के भुगतान की इन सभी परेशानियों को दूर रखने में मदद मिलती है क्योंकि इसके तहत किसी भुगतान की आवश्यकता नहीं होती है। 
 LUT निर्यात की सीमा एलयूटी के तहत दाखिल करने की कुछ सीमाएँ हैं। 
 एलयूटी फाइलिंग निकालने के बाद आपको अनिवार्य रूप से निर्यात करना होगा। यदि एलयूटी के तहत एक निश्चित समय सीमा के भीतर निर्यात नहीं किया जाता है जो चालान की तारीख से तीन महीने है, तो आपको आईजीएसटी और उस पर 18 प्रतिशत का ब्याज देना होगा। 
 तीसरा, गैर आईजीएसटी भुगतान वाले 2.5 करोड़ रुपये से अधिक के डिफॉल्टर एलयूटी की सुविधा ले सकते हैं। एलयूटी सुविधा के लिए पात्रता सबसे पहले निर्यात करने वाले व्यक्ति के पास अपनी फर्म का जीएसटी रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है। दूसरे, जीएसटी-पंजीकृत फर्म को आईजीएसटी भुगतान में 2.5 करोड़ रुपये से अधिक के किसी भी डिफ़ॉल्ट में शामिल नहीं होना चाहिए। 
 LUT कब ​​फाइल करें निर्यात प्रक्रिया पूरी होने से पहले LUT को फाइल या जमा करना होता है।
 जीएसटी में एलयूटी प्राप्त करने/दर्ज करने की प्रक्रिया इससे पहले, निर्यातकों को मैन्युअल रूप से RFD-11 भरकर LUT फाइल करना पड़ता था और फिर इसे अपने संबंधित विभागों को अपने लेटरहेड पर दो हार्ड कॉपी के साथ जमा करना होता था। एक प्रति कर कार्यालय को और दूसरी सीमा शुल्क कार्यालय को सत्यापन के लिए प्रस्तुत की गई थी। 
 नोट: लेकिन बॉन्ड को अभी भी गैर-न्यायिक स्टांप पेपर पर मैन्युअल रूप से जमा करना होगा। 

 LUT खरीदने के लिए GST पोर्टल पर gst.gov.in पर क्लिक करके फाइल करना होगा। 
 2. अब ऊपर दायीं ओर क्लिक करके लॉग इन करें। 
 3. लॉगइन पर क्लिक करने से पोर्टल खुल जाता है जहां आप अपना यूजरनेम, पासवर्ड और कैप्चा दर्ज करते हैं जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। 
 4. अब पेज पर सर्विसेज टैब पर क्लिक करें और फिर नीचे दिखाए अनुसार फर्निश लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलयूटी) कमांड पर क्लिक करें। 
 5. LUT विकल्प पर क्लिक करने पर एक नया बॉक्स खुलेगा, यह फॉर्म GST RFD-11 है, जिसे LUT प्राप्त करने के लिए भरना आवश्यक है। भारत के राष्ट्रपति को संबोधित एलयूटी का फॉर्म भरें। तीन की संख्या में डिक्लेरेशन चेकबॉक्स पर क्लिक करें। अब GST RFD-11 के नीचे फॉर्म में दो स्वतंत्र गवाहों का नाम, पता और व्यवसाय दर्ज करें। 
 अंत में, वह स्थान भरें जहाँ से आप दाखिल कर रहे हैं या वह स्थान जहाँ आपका व्यवसाय स्थित है।
 प्राथमिक/अन्य प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता स्थान के नाम पर ड्रॉप-डाउन तीर पर क्लिक करें, तथा अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के विकल्प का चयन करें, जो बॉक्स में क्लिक करने पर खुलता है। जगह में, फ़ील्ड उस जगह को दर्ज करें जहां से इसे दर्ज किया गया है।
 सेव करने के लिए सेव बटन पर क्लिक करें और बाद में पढ़ने के दौरान विवरण पर जाएं। आप सहेजे गए संदेश को बाद में सेवाओं> उपयोगकर्ता सेवाओं> मेरे सहेजे गए एप्लिकेशन से पुनर्प्राप्त कर सकते हैं। एप्लिकेशन सफलतापूर्वक सहेजे जाने के बाद एक पुष्टिकरण संदेश प्रदर्शित होता है। प्रपत्र का पूर्वावलोकन करने के लिए पूर्वावलोकन बटन पर क्लिक करें। 
 अंत में, SIGN AND FILE with DSC या SIGN AND FILE with EVC बटन पर क्लिक करें। ओटीपी दर्ज करने और जमा करने के बाद ईवीसी पर हस्ताक्षर किए जाते हैं।
 ईवीसी जमा करने के बाद स्क्रीन पर ARN नंबर के साथ एक पावती प्राप्त होती है, जिसे भविष्य के संदर्भ के लिए डाउनलोड किया जा सकता है। 
 एलयूटी में जीएसटी विभाग एलयूटी विवरण के बाद, संबंधित विभाग 2 से 3 दिनों के भीतर एक हस्ताक्षरित पत्र के साथ पावती जारी करता है।

Friday, 22 July 2022

Nil GST R3B kaise file karen|निल gstr3b कैसे फ़ाइल करें।How to file nil gstr3b




कोई भी व्यक्ति जो GST से रजिस्टर्ड है, छोटा हो या बड़ा,उसे सभी रिटर्न्स फ़ाइल करना पड़ता है। GSTR3B उसी में से एक रिटर्न होता है जो सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है और सबसे ज्यादा जरूरी होता है, अन्य रिटर्न फ़ाइल हो या न हो इसे तो फ़ाइल करना ही होता है क्योंकि टैक्स का हिसाब इसी में संछिप्त में दिखता है और इसी से पता चलता है कि कितना टैक्स बन रहा है।
GSTR-3B  में हमें outward सप्लाई यानी कोई भी sale/बिक्री का पूर्ण विवरण देना होता है। क्योंकि सेल शून्य होता है और कोई टैक्स देना को बनता नही है इसीलिये इसे निल रिटर्न बोला जाता है। अगर कोई  सेल न भी हो तो भी gstr3b तो फ़ाइल करना ही होता है भले वो निल/शून्य हो।

निल फाइलिंग दो तरीके से हो सकता है:
1. SMS से, और
2. GST पोर्टल से।

Filing karne ka process। फाइलिंग करने का प्रोसेस
सबसे पहले अपना GST पोर्टल खोलें gst.gov.in पर जाकर।



फिर अपना पोर्टल को LOGIN/लॉगिन करें अपना यूजर ID और पासवर्ड देकर।



अपने  आपके पोर्टल का पेज खुलेगा तो उस पेज को नीचे करें दिए गए विकल्पों वाले बटनों से RETURN DASHBOARD पर क्लिक करें।



यहाँ पर अंतिम वाले टेबल पर माउस लाने पर टेबल आपको रिटर्न फ़ाइल करने का अंतिम तारीख भी बताइएगा।

फिर नए पेज पर अपना Financial Year, Quarter, Period में जाकर अपना सही विकल्प चुने और फिर SEARCH पर क्लिक करें।



SEARCH पर क्लिक करने से आपको नीचे में कुछ विकल्प खुलेंगें जहाँ पर आपको अंतिम वाले बॉक्स जिसमें GSTR-3B लिखा है उसे क्लिक करें।
इस बॉक्स में आप ONLINE या OFFLINE अपना डाटा का एंट्री कर सकते हैं।

एक नया नोटिस दिखेगा जिसे पढ़ समझ कर CLOSE पर क्लिक कर दें।



क्लिक करने पर एक नया स्क्रीन खुलेगा, जहाँ आपके फाइलिंग कब बारे में कुछ लिखा होगा।
System generated summary में आपके gstr3b में का Table 3.1का a,b,c, और e का डिटेल्स ऑटो जेनरेट मतलब gst पोर्टल पहले GSTR1 रिटर्न के आधार पर यहां पर डेटा विवरण भर/उकेर देती हैं।
और जान लीजिए ये वो ही Table 3.1 है जहाँ आपको सभी आउटवर्ड सेल का डेटा भरना है, मगर चूँकि आपने gstr1 रिटर्न पहले ही भर दिया है जहाँ आप पहले ही सेल का सब विवरण भर देते हैं तो अब आपका काम gstr3b में आसान हो जाता है।




इसी तरह Table 3.1(d) का reverse चार्ज का विवरण भी इसी टेबल में GSTR2B के आधार पर यहां ऑटो जेनरेट/ अपने आप आ जाता है।

 इसी तरह Table3.2 का विवरण ऑटो generate होता है, GSTR1 के डेटा भरने/फ़ाइल करने के आधार पर। जान लीजिए Table 3.2 वो ही जगह है जहाँ आपको सभी Interstate/अंतर राजीय सेल का डेटा भरना है।





अब तीसरा बॉक्स होता है Table 4 का, यहाँ पर जो ITC/इनपुट टैक्स क्रेडिट हमको मिलता है परचेस/खरीदने वक्त जिसका विवरण हमारे सप्लायर करते हैं अपने रिटर्न भरने पर उसका डिटेल्स GSTR-2B फ़ाइल के डेटा के आधार पर आ जाता है।




उपर वाला संछिप्त विवरण देखने के बाद CLOSE पर क्लिक कर आगे बढ़ें।


Table 5



अब इस टेबल में आपका Table3.1, Table 3.2, और Table 4 आप पहले ही देख चुके हैं कि वो पहले ही भर जाते हैं, तो अब रह गया Table 5 जिसमे आपको   Exempt, Nil और Non GST inward का डिटेल्स भरना है जिसे आप भर लें अगर आपके पास ऐसा विवरण हो तो।


Table 5.1
Table 5.1 में आप देख सकते हैं कि यहां पर ब्याज और विलम्ब शुल्क का विवरण देना है जो gst पोर्टल खुद ही हिसाब कर भर देता है जिसे आपको अगर कुछ फाइन हो तो भरना है, नहीं sir भरना होगा, मोदी जी का आर्डर है,नहीं तो ED और सरकारी एजेंटों का छापा पर जाएगा।
 


अब आप SYSTEM GENERATED GSTR-3B पर क्लिक कर gst का 3B रिटर्न देख सकते हैं।







क्योंकि निल रिटर्न में ऊपर के सभी टेबल भरे हुए हैं इसीलिये SAVE GSTR 3B पर क्लिक करें।


Save gstr3b पर क्लिक करने पर पोर्टल हमें फिर एकबार उपर ले जाता है जहाँ बाएं तरफ Save request received का संदेश मिलता है।





इसके बाद बगल वाले बटन PRIVIEW DRAFT GSTR-3B  पर क्लिक करें तब आपका 3B का संछिप्त विवरण देखने मव लिए है। यहां सब एंट्री शून्य होगा क्योंकि सेल तो शून्य ही था। 
क्लिक करने पर एक PDF फ़ाइल डाउनलोड होगा, जिसपर DRAFT लिखा होगा क्योंकि हमने तो अभी तक 3B फ़ाइल ही नहीं किया है।



अगर आपको Table 5.1 के अनुसार कोई व्याज या late fee है तो आपको PROCEED TO PAYMENT  पर क्लिक करना होगा।


इए तरह जैसे जैसे पोर्टल हमको विकल्प देता जाएगा हमें उसे देखते और भरते हुए सब करना है।























































और अंत में हमें रिटर्न को फ़ाइल कर देना है।